
बुलंदशहर। बुलंदशहर हिंसा बवाल मामले में जीतू फौजी सहित 7 लोगों की हाईकोर्ट ने जमानत मिल गई है। 3 दिसंबर को स्याना इलाके में गोकशी के बाद हिंसा हुई थी जिसमें इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की और सुमित नाम के युवक की मौत हो गई थी। पुलिस ने इसमें 27 लोगों के नाम दर्ज और 60 लोगों अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
बुलंदशहर के स्याना इलाके में 3 दिसंबर 2018 को तथाकथित गोकशी की अफवाह के बाद हिंसा हुई थी। जिसमें इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की जान चली गई थी और एक सुमित नाम की युवक भी भीड़ की हिंसा का शिकार हुआ था। उसके बाद पुलिस हरकत में आई और पुलिस ने 27 लोगों के खिलाफ नाम दर्ज किया था और 60 अज्ञात में fir थी। एफआईआर के बाद पुलिस ने छापेमारी की कार्रवाई की थी जिसमें जीतू फौजी, योगेश राज, शिखर अग्रवाल शामिल थे।
इस हिंसा मामले में पुलिस अब तक 42 लोगों को जेल भेज चुकी है और इसमें पुलिस अभी जांच चल रही है। जबकि जीतू फौजी समेत सात आरोपियों को जमानत मिल गई है। इस मामले में एसआईटी की टीम स्याना हिंसा मामले को जांच कर रही है और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
गौरतलब हो कि जीतू फौजी के वकील संजय शर्मा ने पहले ही जमानत करा ली थी लेकिन धारा 124a लगने के बाद यानी राजद्रोह की धारा में आरोपियों की जमानत रूक गई थी। लेकिन मंगलवार को जीतू फौजी सहित सात लोगों की इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत हो गई। अब राजद्रोह की धारा में जमानत मिलने के बाद जिन 7 आरोपियों के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है, उनमें मुख्य रूप से महाव गांव का जितेंद्र उर्फ जीतू फौजी के अलावा सचिन, सौरव, छोटू, हेमू, कलवा और रोहित राघव का नाम शामिल है।
एडवोकेट संजय शर्मा ने बताया कि इन सभी की जमानत हो गई है बाकी अब जो शेष लोग हैं उनकी भी जमानत जल्दी हो जाएगी एक-दो दिन में जीतू फौजी सहित सात लोग जेल से बाहर आ जाएंगे बाकी लोगों की जमानत के लिए कोर्ट में प्रक्रिया जारी है।
Updated on:
14 Aug 2019 11:01 am
Published on:
14 Aug 2019 11:00 am
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