
अखिलेश यादव की लहर में भी बसपा के इस पूर्व बाहुबली विधायक ने मायावती को दिया था बेहतरीन तोहफा
बुलंदशहर। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर दो बार बुलंदशहर सदर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हाजी अलीम का बुधवार को उनके घर में गोली लगा शव पड़ा मिला। उनकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से हुई है। पुलिस इसके पीछे हत्या की आशंका जता रही है। शव के पास एक पिस्टल भी पड़ी मिली है। दो गोली लगने की चर्चा चल रही है। बताया जा रहा है कि परिजन खिड़की तोड़कर शव तक पहुंचे थे। उसके बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। पुलिस आत्महत्या के एंगल पर भी काम कर रही है।
दो बार लगातार रह चुके हैं विधायक
52 साल के हाजी अलीम की बुलंदशहर सदर सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं। उनकी गिनती बसपा के कद्दावर और बाहुबली नेताओं में होती थी। बसपा सुप्रीमो मायावती का उन पर इतना भरोसा था कि बलात्कार जैसा गंभीर आरोप लगने के बाद भी पार्टी ने उनका साथ नहीं छोड़ा था। इसकी एक वजह यह भी थी कि हाजी अलीम की बुलंदशहर में अच्छी पकड़ थी।
मायावती को दिया था तोहफा
हाजी अलीम 2007 व 2012 में लगातार बुलंदशहर सदर सीट से विधायक चुने गए थे। 2012 में जब समाजवादी पार्टी की लहर चल रही थी और अखिलेश यादव बहुमत के साथ प्रदेश की सत्ता पर काबिज हुए थे, उस समय भी हाजी अलीम ने यह सीट मायावती को तोहफे के रूप में दी थी। उससे पहले 2007 में उन्होंने सपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह यादव को हराया था। उससे पहले यह सीअ कभी बसपा के खाते में नहीं गई थी। बसपा के टिकट पर पहली बार कोई यहां से विधायक बना था। अगले विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह सिरोही को 5 हजार वोटों से शिकस्त दी थी। हालांकि, 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा के ही वीरेंद्र सिंह सिरोही से करीब 23 हजार से भी अधिक वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।
Updated on:
10 Oct 2018 04:16 pm
Published on:
10 Oct 2018 04:16 pm
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