
बुलंदशहर हिंसा में आर्इजी का बड़ा बयान, इंस्पेक्टर सुबोध कुमार केस से पहले इस हत्या की जांच करेगी पुलिस
बुलंदशहर।बुलंदशहर के स्याना में कथित गोकशी पर हिंसक बवाल आैर इंस्पेक्टर समेत दो की हत्या के बाद पुलिस की मौजूदगी से लेकर कार्य-प्रणाली पर तमाम तरह के सवाल खड़े होने लगे है। इसकी वजह पुलिस का देरी से पहुंचने से लेकर समय रहते कार्रवार्इ न करने के आरोप लग रहे है। वहीं इसको लेकर एक न्यूज चैनल से बातचीत में पुलिस अधिकारी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता हिंसा में शामिल लोगों को पकड़ने से ज्यादा एेसे हालात पैदा होने की वजह आैर हालातों को पैदा करने वालों को बेनकाब करना है।
इन्हें पकड़ना है प्राथमिकता
एक न्यूज चैनल से हुर्इ बातचीत में यूपी के इंस्पेक्टर आॅफ जनरल आर्इजी राम कुमार ने बताया कि हम सिर्फ सबूतों के आधार पर ही कार्रवाई कर सकते हैं।हमें फॉरेंसिक जांच करनी है।अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार आैर हिंसा में माने गये सुमित को गोली किसने मारी है।इसके लिए जांच की जा रही है।कर्इ वीडियो मिली है।जिन्हें फाॅरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।इसके आधार पर कुछ पहचान आैर पूछताछ भी की जा रही है।उधर इसके बाद आईजी ने कहा, लेकिन गोहत्या के पीछे कौन है। इस षडयंत्र के पीछे कौन है।यह बड़ा सवाल है।ना कि बिना फॉरेंसिक सबूत के वीडियो में शामिल लोगों को परेशान करना अौर पकड़ना।
सरकार ने गोकशी करने वालों के खिलाफ दिये थे सख्त कार्रवार्इ के आदेश
बता दें कि सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के मुताबिक तमाम पुलिस और जिला प्रशासन को गोहत्या करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी है। बुलंदशहर हिंसा के अगले ही दिन मंगलवार को जारी एक प्रेस-नोट में योगी सरकार ने गोकशी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिये है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि प्रेसनोट में एक बार भी गोहत्या के नाम पर बवाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात नहीं कही गर्इ। इसके अलावा हिंसक वारदात में मारे गए पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार का भी कोई जिक्र नहीं था।
Published on:
07 Dec 2018 05:36 pm
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