
बुलंदशहर। भारत में चुनाव को लोकतंत्र का महापर्व कहा जाता है लेकिन बुधवार को संपन्न तीसरे व अंतिम चरण के मतदान वाले दिन एक पोलिंग बूथ पर ऐसा नजारा देखने को मिला जैसे कि लोकतंत्र में वोट की चोट से नेता चुनने से लोगों का विश्वास ही उठ गया हो।
खबरों के मुताबिक बुलंदशहर जनपद की नगर पालिका परिषद सिकन्द्राबाद के जैन इंटर कॉलेज को 55 नम्बर का बूथ बनाया गया था। इस बूथ पर 900 वोट थे, लेकिन सुबह 7:30 बजे से शाम 5 बजे तक मात्र 6 वोट ही पड़े। जिससे लोगों के लोकतंत्र व नेताओं से उठते विश्वास की पुष्टि होती है। वैसे अभी इतने अल्प मतदान के कारण का पता नहीं चल पाया है। हालांकि मामले के एसडीएम के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने जांच का आश्वासन दिया है।
वैसे तो नगर पालिका क्षेत्र में छिटपुट घटनाओं के बीच बुधवार को निकाय चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। हांलाकि, इस दौरान कई जगह फर्जी मतदान और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल का प्रयोग भी करना पड़ा। पुलिस ने ककोड़ नगर पंचायत के 3 प्रत्याशियों को शांति भंग की आशंका में थाने में बैठा लिया। जबकि सिकन्द्राबाद में निर्दलीय प्रत्याशी को नजरबंद कर दिया और सर्मथको पर लाठियां भांजी। कुछ जगह मतदाताओं की लाइन लंबी होने के कारण अव्यवस्था फैल गई हैं।
अव्यवस्था देख बूथ अधिकारी पर भड़के प्रेक्षक
मतदान के दौरान प्रेक्षक अनिल कुमार सागर जब शिकारपुर के डीएपी इंटर कॉलेज मतदान केंद्र पर पहुंचे तो एक कमरे में हो रही भीड़भाड़ एवं अव्यवस्था को देखकर भड़क गए। उन्होंने तैनात अधिकारी को फटकार लगाई और वोट डालने के लाईन से वोट डलवाने के निर्देश दिए। इस दौरान तहसीलदार शिकारपुर भी मौजूद रहे।
निर्दलीय प्रत्याशी को पुलिस ने किया नजरबंद
बुलंदशहर के सिकन्द्राबाद में अध्यक्ष पद के एक निर्दलीय प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह सैनी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके साथ ही लक्ष्मण सिंह को नजर बंद कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद समथर्कों ने जमकर हंगामा किया। समर्थकों द्वारा हंगामा शुरू किए जाने के बाद पुलिस एक्शन में आ गई। तैनात पुलिस के जवानों ने हंगामा कर रहे लक्ष्मण सिंह सैनी के समथर्कों पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने उन्हें दौड़ा-दौडाकर पीटा। लक्ष्मण सिंह सैनी का दावा है कि पुलिस ने भाजपा के इशारे पर काम कर बेवजह नजरबन्द किया हैं।
पुलिस ने पकड़ा दिव्यांग मतदाता
गुलावठी में जूनियर हाई स्कूल भीमनगर पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए लाठियां फटकारी तो एक दलित दिव्यांग मतदाता को डण्डा लग गया। यही नहीं सुपर पावर में दिख रहे एक कांस्टेबल ने दिव्यांग मतदाता को पकड थाने ले गया, जिस पर दलित मतदाताओं ने हंगामा शुरू कर दिया।
दलित मतदाताओं ने दिव्यांग युवक को तत्काल न छोड़ने पर मतदान बहिष्कार की चेतावनी दे डाली। जिससे मौके पर पहुंचे जोनल मजिस्ट्रेट ने मतदान रूकते देख स्थिति को भांप दिव्यांग युवक को पुलिस हिरासत से मुक्त कराया। जिसके बाद पुन: मतदान शुरू हो सका।
तिरंगा हाथ में थाम युवा वोटरों ने किया मतदान
बुलंदशहर में निकाय चुनाव के अंतिम चरण में होने वाले चुनाव के लिए लोगों ने उत्साहपूर्वक सुबह से ही अपने घरों से बाहर निकले और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हाथों में तिरंगा लेकर पहली बार मतदान करने आये मतदाताओं की माने तो उन्होंने नगर की सरकार बनाने के लिए ये सोचकर मतदान किया है कि नगर के साथ साथ देश का भी विकास होगा। हाथों में तिरंगा लेकर मतदान करने वाले इन युवा मतदाताओं में नगर की सरकार बनाने के लिए खासा उत्साह व राष्ट्रप्रेम दिखा।
फर्जी मतदान और नाम कटने पर लोगों ने किया हंगामा
निकाय चुनाव के लिए बुधवार को तीसरे चरण के मतदान को लेकर यूं तो सुबह से ही पुलिस प्रशासन के पास वोटर लिस्ट से नाम कटने की सूचनाएं मिलती रहीं, लेकिन वार्ड 29 के मुनेंद्रा पब्लिक स्कूल के पोलिंग बूथ से एक साथ चार सौ वोट कटने से आक्रोशित मतदाताओं ने हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने वोट कटने से परेशान मतदाताओं को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन मतदाताओं के आक्रोश को शांत करने के लिए पुलिस को यहां लाठियां फटकारनी पड़ी, जिससे वहां भगदड़ मच गई।
इसी तरह वार्ड 21 डीएम रोड पर डायट पर बने मतदान केंद्र पर जमा भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने कई बार चेतावनी दी, लेकिन भीड़ के न हटाने से पुलिस को यहां लाठियां फटकारनी पड़ी। इसी वार्ड के एक सभासद प्रत्याशी को झूठी सूचना देने पर पुलिस उसे उठा कर कोतवाली ले गई और दो घंटे बाद छोड़ा। इस्लामाबाद, ऊपर कोट, फैसलाबाद समेत कई मोहल्लों के मतदान स्थलों पर जमा भीड़ व फर्जी पोलिंग की सूचनाओं पर पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी।
मतपत्र छीने का लगा आरोप
मतदान के दौरान शिकारपुर के डीएपी इंटर कालेज के मतदान केंद्र पर मोहल्ला मुफ्ती वाडा की वृद्धा प्रेमवती ने बूथ के अंदर एक व्यक्ति द्वारा मतपत्र छीनकर मतपत्र पर मुहर लगाकर वोट डालने का आरोप लगाया। इस मामले को लेकर सभी राजनीतिक दलों के एजेंट पहुंच गए और बूथ के अंदर तैनात कर्मचारियों से कहासुनी होने लगी। बाद में सभी लोगों ने महिला को समझा बुझाकर भेज दिया।
बूथ पर तैनात कर्मचारी का कहना था कि महिला को अलग अलग चेयरमेन और सभासद के दिए गए मतपत्र के बारे में पूछा था जो महिला को बताया गया। मुहर स्वयं महिला ने ही लगाई थी।
Updated on:
29 Nov 2017 09:43 pm
Published on:
29 Nov 2017 09:41 pm
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