
राहुल गोयल, बुलंदशहर। पिछले चार दिन से पाकिस्तान सीजफायर का उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर के कई सेक्टरों में लगातार फायरिंग कर रह है। इसमें पांच जवान शहीद हो गए हैं। इनमें से एक बुलंदशहर के रहने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 173वीं वाहिनी के हेड कांस्टेबल जगपाल सिंह भी हैं। शुक्रवार को हुई फायरिंग में वह शहीद हुए थे। जगपाल सिंह की शहादत पर उनके बेटे गौरव ने कहा है कि वह सेना में भर्ती होकर अपने पिता की शहादत का बदला पाकिस्तान से लेना चाहते हैं।
ग्रामीणों का लगा जमावड़ा
बुलंदशहर के सलेमपुर थाना क्षेत्र गांव भैसरोली नासिरपुर निवासी जगपाल (53) पुत्र छज्जू सिंह बीएसएफ की 173वीं बटालियन में तैनात थे। इन दिनों उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में थी। शुक्रवार शाम को परिजनों को बीएसएफ मुख्यालय से आए फोन पर सूचना दी गई कि फायरिंग में गोली लगने से जगपाल शहीद हो गए। इस सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। जगपाल के शहीद होने का पता चलने पर सैकड़ों ग्रामीण भी घर के बाहर एकत्र हो गए और पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी। वहीं, शहीद के बेटे गौरव ने बताया कि उन्हें फोन पर उनके पिता जगपाल सिंह के शहीद होने की सूचना दी गई है। बता दें कि शहीद जगपाल सिंह अपने पीछे पत्नी करतारी देवी, पुत्री गीता, बबीता, निशा, बुलबुल और पुत्र गौरव को छोड़ गए हैं।
ताऊ और चाचा के लड़के भी फौज में
उनका बेटा गौरव बीए तृतीय वर्ष का छात्र है। गौरव ने बताया कि वह भी फौज की तैयारी कर रहा है। वह फौज में भर्ती होना चाहता है। गौरव की मानें तो उसे अपने पिता की शहादत पर गर्व है। फौज में भर्ती होने के बाद गौरव अपने पिता की शहादत का बदला पाकिस्तानियों से लेना चाहता है। गौरव ने बताया कि उसके ताऊ व चाचा का लड़के भी फौज में हैं। वह एक जवान के बदले 10 पाकिस्तानियों के सिर काटकर अपने देश लाना चाहते हैं।
Published on:
21 Jan 2018 11:25 am
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