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बुलंदशहर हिंसाः पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, चार और शातिर आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे

मुख्य आरोपी सहित बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाया जा रहा है दबिश अभियान

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बुलंदशहर हिंसाः पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, चार और शातिर आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे

बुलंदशहर. यूपी के बुलंदशहर जिले के स्याना में 3 दिसंबर को हुई हिंसा और इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के मामले में स्याना पुलिस ने 4 और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी करने का दावा कर रही है।

पुलिस ने रविवार को जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया उनके नाम अमित, आशीष, अंकुर और हेमू हैं। जिन पर 3 दिसंबर को गोकशी की वारदात के बाद चिंगरावठी पुलिस चौकी में तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने और इस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या का आरोप है। पुलिस ने चारों आरोपियो को हिंसा की वायरल वीडियो के आधार पर गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस की माने तो अब तक स्याना हिंसा के 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही पुलिस मुख्य आरोपी योगेश राज सहित फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश देने का दावा कर रही है। हालांकि, बुलंदशहर पुलिस ने स्याना हिंसा के फरार आरोपियों के घर नोटिस चस्पा करने के साथ ही आरोपियों के फोटो भी सार्वजनिक की है।

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गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध शुरू

स्याना हिंसा के आरोपियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई के खिलाफ यति नरसिंहानंद सरस्वती रविवार को बुलंदशहर में आमरण अनशन पर बैठ गए। अपने फैसले को उचित ठहराते हुए उन्होंने कहा कि 3 दिसंबर को स्याना की हिंसा में मृतक सुमित और आरोपी जितेंद्र फौजी समेत सभी नामजद की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनको पुलिस और प्रशासन की मजिस्ट्रेट जांच पर भरोसा नहीं है। इस लिए प्रकरण की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट से होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने भाजपा की योगी और मोदी की सरकार को हिंदूभक्षी सरकार बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य सरकार जो थी। वह हिंदू वरोधी थी। इसके साथ ही उन्होंने वर्तमान सरकार की मंशा बताते हुए कहा कि उन्हें अपनी हत्या और अपने पर फर्जी मुकदमे दर्ज किये जाने की भी आशंका है। शहीद इस्पेक्टर सुबोध कुमार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाये।