23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां दशहरा के दिन नहीं, बल्कि इस दिन होता है रावण के पुतले का दहन, बड़ी है वजह

Highlights . देशभर में दशहरा के दिन जलाया जाता है रावण का पुतला. रावण के वध के बाद पत्नी मंदोदरी शव को लेकर जा रही थी पिता के पास . फिर यहां किया रावण के पुतले का दहन

2 min read
Google source verification
intro_101116103112.jpg

बुलंदशहर. यूपी के गौतमबुद्ध नगर का बिसरख गांव (Bisrakh) मान्यताओं के आधार पर रावण का जन्मस्थली माना जाता है। बिसरख ही भूमि रावण (RAVAN) की कर्मस्थली रही है। यहां आज भी उनके पिता विश्रवरा ऋषि की तरफ से स्थापित दुनिया की इकलौती अष्टभुजी शिवलिंग पूरे वैभव के साथ विराजमान है। इस गांव मेंं आज भी रामलीला (RAMLEELA) और रावण के पूतले का दहन नहीं किया जाता है।

shardiya navrtra 2019: कूष्मांडा देवी की पूजा करने से मिलती हैं संतान, दूर होते हैं सभी कष्ट, ऐसे करें पूजा

दशहरा के दिन देशभर में रावण का पुतला दहन किया जाता है। इस दिन को बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत मानी जाती है। लेकिन बिसरख से कुछ ही किलोमीटर दूरी पर सिकंदराबाद में दशहरा के चार दिन बाद रावण के पुतले का दहन किया जाता है। पुरानी मान्यता और पुराणों के आधार पर बुलंदशहर के सिकंदराबाद एरिया के गांव सरायघासी में रावण के पुतले का दहन चतुर्दशी को किया जाता है।

पूर्वेजों केे अनुसार, जब श्रीराम ने रावण का वध कर दिया तो रावण की पत्नी मंदोदरी उनके शव को लेकर अपने पिता के पास मेरठ जिले के गागौल गांव के लिए निकली थी। मंदोदरी के पिता वैध और ऐसी जड़ी-बूटियों का ज्ञान रखते थे, जिससे मुर्दे जीवत हो जाए। पिता के पास जाते समय मंदोदरी रास्ता भटक गई और सिकंदराबाद के सरायघासी गांव में विमान से उतरकर चतुदर्शी के दिन रावण के पुतले का अंतिम संस्कार कर दिया। बताया यगा है कि तभी से इस गांव में दशहरा के चार दिन बाद 4 दिन बाद रावण के पुतले का दहन किया जाता है।

मंदिर के पुजारी घनश्याम झा का कहना है कि मान्यता के चलते काफी पुराने समय से ही चार दिन रावण के पुतले का दहन किया जाता है। इस दिन बड़ा मेला लगता है और दूर-दूर से यहांं श्रद्धालु आते हैं। मान्यता के अनुसार, जो भी पूजा अर्चना कर मन्नत मांगता है तो वह पूरा होता है।

यह भी पढ़ेंं: फिर आम आदमी को लगा बड़ा झटका, इतनी महंगी हो गई रसोई गैस