
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बॉथम ने ऐसिड अटैक पीड़िता शबनम रानी से की मुलाकात
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम बुधवार को बुलंदशहर के जिला अस्पताल में एसिड एटैक पीड़िता से मिली और उनका हालचाल जाना। आपको बता दे कि एसिड एटैक पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक और हलाला मुद्दे पर रिट दायर कर रखी है। उन पर हाल ही में एसिड एटैक हुआ था। पीड़ित से मुलाकात के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि उनकी जानकारी में आया है कि पीड़िता को बुलंदशहर जिला अस्पताल से रेफर करने के बाद मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं मिली।
साथ ही उसको एडमिट नहीं किया गया, जिसके कारण वह रात भर भटकती रही। यह गंभीर मामला है। उन्होंने तीन तलाक बिल पास होने पर सरकार को बधाई दी। साथ ही उन्होंने तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर करने वाली पीड़िता की पीठ भी थपथपाई। विमला बाथम ने कहा यह गंभीर लापरवाही है। मेरठ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के खिलाफ उन्होंने कार्रवाई के लिए लिखने की बात कही। उन्होंने कहा कि शबनम को जल्द से जल्द उचित मुआवजा मिले इसके लिए प्रशासन और शासन को लिखा जाएगा। तीन तलाक बिल पर विमाला बाथम ने कहा कि मीडिया के माध्यम से पीएम मोदी को बधाई।
तीन तलाक और हलाला को समाजिक बुराई बताया। उन्होंने पीड़िता की इन मुद्दों का विरोध करने पर पीठ थपथाई। उनका कहना था कि बिल पास होने के बाद तीन तलाक की प्रथा खत्म ही मानी जाएगी। साथ ही तीन तलाक देने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होगी। उधर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के आने पर सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक व हलाला पीड़िताओं की पैरवी कर रही डॉ सबीना ने कहा महिला आयोग की अध्यक्ष ने सब कुछ खत्म हो जाने के बाद अब सुध ली है। उनको पहले ही पीड़ित पक्ष से मिलकर जल्द राहत दिलवाने की भूमिका निभानी चाहिए थी। उन्होंने भी मेरठ मेडिकल में पीड़िता का इलाज न करने और भर्ती न करने के मामले को शर्मनाक बताया।
उन्होंने दावा किया कि यह सब उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन में लिखकर भेजा है। उन्होंने चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। सबीना ने तीन तलाक के मुद्दे पर बिल पास होने पर सरकार के फैसले को ऐतिहासिक बताया। साथ ही कहा कि विपक्ष व अन्य विरोध करने वाली पार्टीयों पर यह बिल तमाचा है। उन्होंने इसे सबकी राजनीति फेल होना बताया। उनका कहना था की इस बिल के पास होने से तीन तलाक के मामलों में कमी आएगी। तीन तलाक देने वाला व्यक्ति डरेगा और समझौता करेगा। साथ ही उसे जेल जाने का डर होगा।
Updated on:
20 Sep 2018, 4:07 PM IST
Published on:
20 Sep 2018, 3:35 PM IST
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