
जवाहर सागर की आबादी के विस्थापन की तैयारी शुरू हो गई। इसके लिए करौंदी के पास 140 बीघा भूमि आरक्षित कर दी गई। उक्त भूमि पर जवाहर सागर ग्राम पंचायत की आबादी को विस्थापित करने के जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने तालेड़ा विकास अधिकारी को निर्देश जारी किए हैं।
आदेश के अनुसार जवाहर सागर की आबादी को बसाने के लिए करौंदी के खसरा संख्या 206 में से 3 बीघा तथा खसरा संख्या 207 में से 137 बीघा चरागाह भूमि आबादी विस्तार के लिए ग्राम पंचायत खड़ीपुर के नाम आरक्षित कर दी गई।
आरक्षित भूमि पर ग्राम पंचायत जवाहर सागर के विस्थापित परिवारों को बसाने के लिए योजना बनाकर भू-खंड आवंटित करेंगे। इस मसले पर पहले भी विकास अधिकारी को निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन पालना रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई।
विलय संबंधी प्रस्तावों पर लगे रोक
भाजपा के सदस्य जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि जवाहर सागर ग्राम पंचायत का किसी अन्य ग्राम पंचायत में विलय नहीं हो। लंबे संघर्ष के बाद मूल रूप से भूमि का आवंटन ग्राम पंचायत जवाहर सागर के निवासियों को बसाने के लिए किया है।
ग्राम पंचायत जवाहर सागर के समाप्त होने से यहां के निवासियों को कई कठिनाइयां झेलनी पड़ेगी। ऐसे में जवाहर सागर के खड़ीपुर में विलय संबंधी तमाम प्रस्तावों पर तुरन्त रोक लगे। शर्मा ने बताया कि वे इस मसले से क्षेत्रीय सांसद ओम बिरला व विधायक अशोक डोगरा को भी अवगत करा चुके हैं।
सेंचुरी में आई आबादी
चम्बल के किनारे बसे जवाहर सागर की आबादी के जवाहर सागर अभयारण्य क्षेत्र में आने के बाद से ही विकास के काम ठप हो गए। यहां राशन कार्ड के अनुसार करीब 503 परिवार हैं। नया निर्माण नहीं करवा पा रहे हैं। मजदूरों को मनरेगा में काम नहीं मिल रहा।
जवाहर सागर ग्राम पंचायत को अन्यत्र बसाने के लिए भूमि ग्राम पंचायत के नाम दर्ज हो। इसे खड़ीपुर के नाम आवंटित किया है जो उचित नहीं है। भू-खंड आवंटन का अधिकार जवाहर सागर ग्राम पंचायत के पास ही रहे।
केशुली देवी, सरपंच, ग्राम पंचायत जवाहर सागर
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