
हिण्डोली. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। पत्रिका
हिण्डोली. क्षेत्र में दो राष्ट्रीय राजमार्ग 52 व 148डी गुजरता है। राष्ट्रीय राजमार्ग 52 करीब 40 किलोमीटर लंबा व 148डी 50 किलोमीटर लंबा हिण्डोली क्षेत्र में पड़ता है। दोनों हाइवे पर सैंकड़ों की संख्या में दिन रात वाहनों की आवाजाही रहती है, जिससे यहां पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती है। यहां पर दुर्घटना में घायल व्यक्ति को एंबुलेंस की मदद से सबसे पहले हिण्डोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया जाता है, लेकिन यहां पर लंबे समय से हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है।
ऐसे में घायल को यहां पर्याप्त उपचार नहीं मिल पाता है। अन्य चिकित्सक कुछ देर प्राथमिक उपचार में लगा देते हैं, जिसमें समय लग जाता है। बाद में घायल को बूंदी, कोटा या देवली ले जाया जाता है लेकिन रास्ते में रक्त अधिक बहने से कई बार घायलों की मौत हो जाती है। दोनों राजमार्ग पर आमने-सामने, स्लिप, मवेशियों से टकराने, अनियंत्रित होकर हुई दुर्घटना में डेढ़ सौ से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। घायलों को उपचार के लिए हिण्डोली ले जाया जाता है, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से वहां से बूंदी या देवली भिजवा दिया जाता है।
हिण्डोली में 30 साल से ट्रोमा चिकित्सालय खोलने की मांग की जा रही है। यहां पर कई धरना प्रदर्शन भी किए, लेकिन विभाग व राज्य सरकारें गंभीरता से नहीं ले रही है। यहां पर कई बार दुर्घटनाओं के आंकड़े लिए, लेकिन स्वीकृति नहीं मिल रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 52 में सर्वाधिक दुर्घटना अशोक नगर मेज नदी तिराहे, चमन चौराहे बड़ानयागांव रोड़, पेच की बावड़ी के दोनों कटो, इटूंदा मोड़, बासनी गणेश के सामने एवं 148डी में अमरत्या तिराहा, मेंडी तिराहा ब्लाक स्पॉट बना हुआ है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद लंबे समय से खाली है। यहां पर सड़क दुघर्टना में आने वाले घायलों का प्रोपर उपचार व आपरेशन नहीं होता है। जिससे उन्हें यहां से बूंदी रैफर करना पड़ता है। जिसमें समय अधिक लग जाता है, जो घायल व्यक्ति को जोखिम रहता है। यहां पर हड्डी रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति होनी जरूरी है।
डॉ. कमलेश मालव, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हिण्डोली
Updated on:
01 Jun 2026 06:47 pm
Published on:
01 Jun 2026 06:47 pm
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