31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

5 किलोमीटर की सड़क क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों को दे रही दर्द

क्षेत्र की कैथूदा ग्राम पंचायत का कांकरिया गांव करवर-नैनवां मुख्य सड़क मार्ग से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

2 min read
Google source verification

बूंदी

image

pankaj joshi

Dec 15, 2025

5 किलोमीटर की सड़क क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों को दे रही दर्द

करवर. कांकरिया गांव जाने वाली क्षतिग्रस्त सडक़ का उखड़ा डामर।

करवर. क्षेत्र की कैथूदा ग्राम पंचायत का कांकरिया गांव करवर-नैनवां मुख्य सड़क मार्ग से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पांच किलोमीटर की यह डामर सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है। आए दिन दुपहिया वाहन चालक सड़क पर फैली गिट्टी व गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे है। सार्वजनिक निर्माण विभाग की उदासीनता के चलते ग्रामीण इलाकों की क्षतिग्रस्त सड़कों का मरम्मत कार्य समय पर नहीं हो पा रहा है।

ग्रामीण अशोक नागर, नरेंद्र नागर, प्रेमराज नागर, रेखराज नागर आदि ने बताया कि कई बार सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़क का मरम्मत कार्य कराने को लेकर अवगत कराया है। वहीं क्षेत्रीय जनप्रतिधियों को भी सड़क का मरम्मत कार्य कराने को लेकर अवगत कराया है, लेकिन संबंधित अधिकारी ओर जनप्रतिनिधि आश्वासन देकर चले जाते है। करीब एक सप्ताह पहले इस सड़क का पेचवर्क कार्य भी शुरू हुआ था, लेकिन 200-300 मीटर तक ही सड़क का मरम्मत कार्य कर संबंधित विभाग ने इतिश्री कर ली।

ग्रामीणों ने बताया कि करवर स्थित विद्यालयो में जाने के लिए 5 किमोमीटर की यह दूरी बच्चों को दर्द दे रही है। बच्चों को विद्यालय छोडऩे जा रहे अभिभावकों की बाइक क्षतिग्रस्त सड़क पर फैल रही गिट्टी से फिसल जाती है। कांकरिया स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक दीपक सुवालका, रवींद्र शर्मा ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़क पर गिरकर चोटिल हो चुके है। सड़क के हाल बेहाल है। ग्रामीणों ने जल्द सड़क का मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है।

कीचड़ से गुजरने की मजबूरी
क्षेत्र की जरखोदा पंचायत के कलमिया गांव में स्थित विद्यालय में जाने के लिए बच्चों को कीचड़ से होकर गुजरने की मजबूरी बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत को अवगत कराने के बाद भी रास्ते की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। यह परेशानी कलमिया गांव के करीब 15 परिवारों के बच्चों को झेलनी पड़ रही है।

एक साल से ग्रामीण जनप्रतिधियों को कीचड़ को समस्या को मुक्त कराने को लेकर अवगत करा रहे है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यह रास्ता ग्रामीणों के खेतों पर भी जा रहा है। यहां भी जाने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। इधर ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि एक सप्ताह में रास्ते की समस्या का समाधान नहीं होता है तो स्कूली बच्चों के साथ अभिभावक नैनवां-इंद्रगढ़ सड़क मार्ग पर धरना प्रर्दशन करेंगे।

Story Loader