
बूंदी. बूंदी अभिभाषक परिषद का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार शाम को निजी रिसोर्ट में हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि कोटा-बूंदी सांसद ओम बिरला थे। अध्यक्षता पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश सियारघुनाथदान ने की। विशिष्टि अतिथि विधायक अशोक डोगरा, भाजपा जिलाध्यक्ष महिपत सिंह हाड़ा, नगर परिषद सभापति महावीर मोदी, पूर्व मंत्री हरिमोहन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दशरथ सिंह थे।
समारोह में अतिथियों ने कहा कि वकील जनता व न्यायपालिका के बीच सेतु का कार्य कर रहे हैं। न्यायप्रणाली में बार व बैंच के मध्य तालमेल और सामंजस्य की जरूरत होती है। यह खुशी की बात है कि बूंदी इसका एक अच्छा उदाहरण है। यहां बैंच और बार में अच्छे संबंध हैं। यहां के वकीलों ने हाईकोर्ट में भी अच्छी पहचान कायम की है।
समारोह में बार एसोसिएशन अध्यक्ष कैलाश नामधराणी, उपाध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह हाड़ा और सचिव नगेन्द्र सिंह हाड़ा ने कोर्ट परिसर में वकीलों के बैठने का स्थान सीमित होने सहित कई समस्याओं से अवगत करवा। इस दौरान समारोह में अतिथियों ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई। समारोह का संचालन अधिवक्ता संजय लाठी ने किया।
सरकार ने कुछ भी नहीं दिया
समारोह में सभापति महावीर मोदी ने कोर्ट परिसर में वाटर कूलर की घोषणा करते हुए कहा कि शहर में मिनी सचिवालय का सपना साकार हो इसके लिए भाजपा को फिर से लाए। इसके बाद अपने सम्बोधन में पूर्व मंत्री हरिमोहन शर्मा ने चुटकी लेते हुए कहा कि बूंदी आई सरकार ने दौरे पर शहर को कुछ भी नहीं दिया तो मिनी सचिवालय कब मिलेगा। उन्होंने सरकार को नौ माह का मेहमान बताया।
न्यायालय परिसर की बदल देंगे सूरत
समारोह को सम्बोधित करते हुए सांसद बिरला ने कहा कि वह नौ माह में क्या नौ दिन में न्यायालय की सूरत बदल देंगें। न्यायालय परिसर की सुविधाओं में धन का कोई अभाव नहीं होगा। एक भी वकील टापरी के नीचे नहीं बैठेगा। टीनशेड, पंखें व परिसर में पानी की पर्याप्त सुविधा होगी। कोर्ट परिसर में महिलाओं टॉयलेट की मांग को भी जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने अभिभाषक परिषद अध्यक्ष से इस
सम्बंध में सात दिन में तकमीना तैयार करने को कहा।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट परमिशन दे देती है तो मल्टीस्टोर चेम्बर भी बना सकते हैं। अगर अभिभाषक परिषद प्रयास करेगी तो ये हो सकता है। इसमें कभी धन की कमी नही आएगी। बिरला ने कहा कि सरकार ने बूंदी शहर में दो हजार करोड़ के काम करवाए हैं। जिले में बांधों व पेयजल योजना के कार्य चल रहे हैं।
वहीं 40 करोड़ की लागत के नैनवां बाइपास के लिए टैंडर हो चुका है। बूंदी के इतिहास में पहली दफा है जब शहर को वन विभाग की जमीन से मुक्त करवाया गया। विधायक अशोक डोगरा ने भी सम्बोधित किया।
Published on:
15 Apr 2018 12:33 pm
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