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जयपुर के बाद अब बूंदी में भी शर्मसार घटना, अस्पताल के बाहर तड़पती रही प्रसूता, चिकित्सा कर्मी ने नही ली सुध

Rajasthan News : जयपुर के कांवटिया अस्पताल में इस माह के पहले सप्ताह में खुले में प्रसव के बाद अब बूंदी के नैनवां उपजिला चिकित्सालय में भी ऐसी ही घटना सामने आई है। प्रसव के लिए रविवार को आई एक प्रसूता को चिकित्सकों व चिकित्सा कर्मियों ने नहीं सम्भाला।

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बूंदी

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Kirti Verma

Apr 22, 2024

Rajasthan News : जयपुर के कांवटिया अस्पताल में इस माह के पहले सप्ताह में खुले में प्रसव के बाद अब बूंदी के नैनवां उपजिला चिकित्सालय में भी ऐसी ही घटना सामने आई है। प्रसव के लिए रविवार को आई एक प्रसूता को चिकित्सकों व चिकित्सा कर्मियों ने नहीं सम्भाला। प्रसूता दर्द से तड़पने लगी तो परिजनों ने प्रसूता को चिकित्सालय परिसर के बाहर एक बेंच पर लेटा दिया, जिसका बेंच पर खुले में ही प्रसव हो गया। प्रसव के बाद भी किसी भी चिकित्साकर्मी ने नहीं सम्भाला तो परिजन ही प्रसूता को उठाकर चिकित्सालय के लेबर रूम में लेकर पहुंचे। बेंच पर हुए प्रसव के दौरान प्रसूता के गर्भ से आधा शिशु बाहर निकला हुआ था। प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया। शिशु की हालत गम्भीर होने के बाद प्रसूता व शिशु को बूंदी रैफर कर दिया।

नहीं देखने आई महिला चिकित्सक

उपखण्ड के फूलेता के बंजारा के झोपड़ा निवासी सत्यनारायण बंजारा की पत्नी अनिता को प्रसव पीड़ा होने से परिजन प्रसव के लिए नैनवां उपजिला चिकित्सालय लेकर आए थे। प्रसूता के परिजनों का आरोप है कि प्रसूता को चिकित्सालय में एक महिला चिकित्सक के घर पर दिखाया। महिला ने प्रसूता को चिकित्सालय में ले जाने को कहा। चिकित्सालय में किसी भी चिकित्सा कर्मी ने नहीं सम्भाला तो प्रसूता को परिसर में ही एक बेंच पर लेटा दिया। बेंच में खुले में ही प्रसव हो गया, जिसको बाद में चिकित्सालय में भर्ती कराया। महिला चिकित्सक देखने नहीं आई तो दूसरे चिकित्सक डॉ मुरारीलाल मीणा को चिकित्सालय पहुंचना पड़ा। उन्होंने प्रसूता व शिशु को देखा। शिशु का वजन कम होने व हालत गम्भीर होने से दोनों को बूंदी रेफर कर दिया।

मामले की करवाएंगे जांच

चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्साधिकारी डॉ समदरलाल मीणा का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी। शिशु का वजन कम होने से प्रसूता व शिशु को बूंदी रैफर करवा दिया।

मंत्री ने बरती थी सख्ती

जयपुर में खुले में प्रसव की घटना के बाद चिकित्सा विभाग ने सख्ती बरती थी। मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देश के बाद लापरवाही के आरोप में रेजिडेंट चिकित्सक को निलंबित कर दिया था। हालांकि हड़ताल के बाद निलंबन वापस ले लिया गया। इसके बावजूद बूंदी में फिर ऐसी घटना हो गई।