
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन
बूंदी.साइबर अपराधों को रोकने के लिए अब पुलिस एआई में दक्ष बनेगी। इसको लेकर पहले चरण का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है, जिसमें पुलिस कर्मियों को एआई टूल और इससे नित नए होने वाले अपराधाों के बारे में जानकारी दी गई। यहीं नहीं अपराध के बदलते ट्रेंड में अब पुलिस भी खुद को बदल रही है। पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का ढाल के रूप में उपयोग भी करेगी। पुलिस अकादमी मुख्यालय में पहले चरण का पांच दिवसीय प्रशिक्षण हो गया है। इसमें प्रदेशभर के 35 पुलिसकर्मी शामिल रहे।
राजस्थान सहित झारखंड व अन्य राज्यों में बैठे साइबर अपराधी लोगों से ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे है। ऐसे में अब साइबर अपराधियों से निपटने के लिए पुलिस खुद को तैयार करने में जुट गई है। इसके लिए पहले चरण का प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है। इसमें बूंदी जिले से दो पुलिसकर्मी साइबर एक्टसपर्ट मुकेंद्रपाल ङ्क्षसह ओर शैलेंद्र ङ्क्षसह ने जयपुर पुलिस अकादमी में एआई एक्सपर्ट से प्रशिक्षण लिया है, जिसमें पुलिसकर्मियों को एआई के बारे में बेसिक जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा इसके टूल और वेबसाइट के संबंध में जानकारी व उपयोगिता के साथ अनुपयोगिता व अनुसंधान में इसका किस तरह मदद मिलेगा उसके बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
बूंदी में साइबर अपराध के आकंड़े
बूंदी जिले में दो सालों में साइबर अपराध की 1150 शिकायतें आई है। साइबर थाने में 13 प्रकरण दर्ज हुए,जिसमें पीडि़त तीन करोड़ के आसपास गंवा चुके है। शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने पीडि़तों को एक करोड़ 44 लाख दिला दिए है। जबकि 13 लाख 48 हजार रुपए पुलिस ने बैंंक के जरिए होल्ड करा रखे है। यहीं नहीं साइबर थाना टीम ने एक दर्ज प्रकरण में दो करोड़ फ्रॉड वाले में मामले में तत्परता से कार्रवाई करते हुए पीडि़त को 61 लाख रुपए नकद समेत 80 लाख से अधिक राशि बैंक खातों में डलवाकर हाड़ौती सहित प्रदेश में सराहना पाई। इसके साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर 1930 साइबर पोर्टल एवं ऑफ लाइन 1150 शिकायतें प्राप्त हुई है। इसमें पीडि़तों से ठगों ने एक करोड़ 83 लाख 99 हजार 272 रुपए ठग लिए। पुलिस ने इसमें से 17 लाख 56 हजार 184 रुपए होल्ड करवा रखे है, जबकि 15 लाख 29 हजार 300 रुपए पीडि़तों को वापिस मिल गए।
यह होगा फायदा
घटना होने के बाद एआई के जरिए ट्रेङ्क्षसग में मदद।
अपराधों का अधिक प्रभावी ढंग से पता लगाना,रोकना व उसकी पहचान में मदद।
साइबर अपराधों से निपटने में मदद लेना।
कठिन से कठिन कार्य सरलीकरण होंगे।
अनुसंधान के दौरान एआई का प्रयोग महत्वपूर्ण।
डाटा विश्लेषण कर अपराध के पैटर्न को समझना।
पुलिस अधिकारियों की दक्षता में वृद्धि करना।
नई-नई तकनीकी से होने वाले साइबर फ्रॉड की उपयोगिता के बारे में बताया।
एआई में दक्ष होंगे
अपराध को लगाम लगाने के पुलिस कर्मी एआई में अब दक्ष होंगे। पहले चरण में एआई का बेसिक प्रशिक्षण दिया गया है। बूंदी से दो जवानों ने प्रशिक्षण लिया है। साइबर अपराधों के मामले में बूंदी जिले में टीम अच्छा कार्य कर रही है। एआई के प्रशिक्षण ओर इसकी उपयोगिता से पुलिसकर्मी इसमें मजबूत बनेेंगे ओर मदद मिलेगी। मौजूदा समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गहनता से ज्ञान होना जरूरी हो गया है।
राजेंद्र कुमार मीणा,पुलिस अधीक्षक,बूंदी
Published on:
17 Mar 2025 12:07 pm
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