4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रशासन ने आंखे मूंदी, धरने के बाद कनक दंडवत कर गोरक्षकों ने लगाई गुहार…गोरक्षा दल के कार्यकताओं को बैठना पड़ा भूख हड़ताल पर

पुलिस प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा...

2 min read
Google source verification
avaidh bajaree ka kaarobaar maaphiyaon ke khilaaph kaarravaee maang

बूंदी. गौ रक्षा दल पर हमला करने वाले हमलावरों को गिरफ्तार करने व अवैध बजरी को खुलेआम कारोबार करने वाले माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर लामबंद गो रक्षा दल व राजस्थान गो सेवा समिति की ओर से पिछले दस दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी है। कलक्ट्रेट के बाहर गुरुवार से आमरण अनशन शुरू कर अपनी मांगो पर अडिग गो रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला।

Read More: शिक्षा का मंदिर हुआ दूर तो भक्तों में आया उबाल

गौ रक्षक पुरानी कोतवाली रावभाव सिंह मंदिर तक कनक दंडवत करते हुए जिला कलेक्ट्ररी पहुंचे। गो रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने कहा कि लगातार बूंदी जिले में हो रही गौ तस्करी पर ना तो भाजपा सरकार रोक लगा पाई और न ही प्रशासन। प्रशासन ११ दिन से भी नामजद अपराधियों को पकड नही पा रही। गोरक्षकों पर हमला करने वालों को पुलिस प्रशासन नहीं पकड़ रहा है।

Read More: करोड़ों से बनी घटिया सडक़, नाराज हुए भाजपाई, जानिए क्यों पहुंचे एसीबी के पास

अवैध रूप से बजरी का परिवहन हो रहा है। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें नहीं मानेंगे तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कार्यकताओं ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया है कि जब गो तस्करी करने वालो के खिलाफ सुचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नही होती। २० जनवरी को गो तस्कर गोवंश लेकर जा रहे थे जिसकी सुचना पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस के आने से पहले ही तस्करों ने गोसेवकों पर हमला कर दिया जिसके खिलाफ भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नही की।

Read More: विभाग हुआ ऑफलाइन, कामकाज ठप, हाथों से पत्र लिख भेज रहे निदेशालय के जवाब-

विहिप शहर अध्यक्ष पीताम्बर शर्मा, नवीन चतुर्वेदी, अमित निम्बार्क, अमित शर्मा, मनीष सिसोदिया, नीरज पाण्डे व मुकेश माधवानी ने कहा है कि जब तक मांगे नही मानी जाएगी कार्यकताओं का आमरन अनशन जारी रहेगा। अनशन पर तुषार पारीक, नितेश गांधी, मनीष मेवाड़ा, किट्टू सैनी व पृथ्वीराज चौहान को बाबा बालकदास, नितेश शर्मा व लाखन सिंह नायक ने तिलक लगाकर अनशन पर बिठाया।