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देखरेख के अभाव में अस्तित्व खो रहा बड़ाखेड़ा का तालाब

कस्बे में स्थित तालाब देखरेख के अभाव में अपना अस्तित्व खोने के साथ ही अपनी बदहाल स्थित पर आंसू बहा रहा है। तालाब का पानी इतना गंदा हो गया है की इसकी बदबू धीरे-धीरे चहूंओर फैल रही है। ऐसे में दुकानदार व आमजन परेशान है।

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देखरेख के अभाव में अस्तित्व खो रहा बड़ाखेड़ा का तालाब

बडाखेडा. कस्बे मे स्थित तालाब जो हो रहा है दुर्दशा का शिकार।

बडाखेड़ा. कस्बे में स्थित तालाब देखरेख के अभाव में अपना अस्तित्व खोने के साथ ही अपनी बदहाल स्थित पर आंसू बहा रहा है। तालाब का पानी इतना गंदा हो गया है की इसकी बदबू धीरे-धीरे चहूंओर फैल रही है। ऐसे में दुकानदार व आमजन परेशान है।

ग्रामीण भोलाशंकर गौतम, कमलेश मीणा, ओम मीणा, सलमान खान, लेखराज गुर्जर आदि ने बताया कि लोगों ने तालाब को शौचालय बना रखा है जिसकी वजह से गंदगी बढती जा रही है। तालाब में मिट्टी अधिक जमा होने से मवेशी घास खाने जाते हैं और मलबे मे फंस जाते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है ग्राम पंचायत प्रशासन को इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए ताकि ग्रामीणों को गंदगी से राहत मिल सके और तालाब का अस्तित्व भी बना रहे।

तालाब का सौंदर्यकरण हो
ग्रामीणों ने बताया कि तालाब में पहले तो बारिश के पानी से भरा रहता था। इसका उपयोग गर्मी के समय जानवरों को पानी पिलाने के लिए करते थे। जिम्मेदारो ने इसकी और ध्यान नहीं दिया है। इसका अस्तित्व धीरे-धीरे खत्म हो रहा है इसको लेकर ग्रामीणों ने तालाब के सौन्दर्य करण की मांग की।

लगे कचरे के ढेर
तालाब के आसपास आसपास के लोगों ने कचरा डालते है जिसके चलते गंदगी बढ रही है कस्बे की नालियों से निकलने वाला गंदा पानी भी तालाब में जा रहा है जिसके चलते तालाब का पानी गंदा होता जा रहा है ।

तालाब को लेकर कार्ययोजना बना रहे जिसमें तालाब का अस्तित्व भी बना रहे हैं और ग्रामीणों को भी गंदगी की परेशानी से भी निजात मिल सके इसको लेकर प्रयासरत है
प्रदीप सिंह हाड़ा, ग्राम प्रशासक, बडाखेड़ा