
बूंदी विधि महाविद्यालय पर फिर लटकी तलवार, सरकार ने जारी नहीं की मान्यता
- सरकार ने जारी नहीं की मान्यता
- पांच माह से प्रवेश प्रक्रिया अटकी
- बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने रोकी संबद्धता
बूंदी. बूंदी के राजकीय विधि महाविद्यालय से संकट के बादल छंट नहीं रहे। इस सत्र के 5 माह बीतने के बावजूद कॉलेज को बार काउंसिल ऑफ इंडिया की संबद्धता नहीं मिली। कोटा विश्वविद्यालय से मान्यता मिलने के बाद फाइल अनुशंसा के लिए दिल्ली में अटक गई। ऐसे में कई विद्यार्थियों को नए सत्र में प्रवेश नहीं मिल रहा। बूंदी के कई छात्र-छात्राएं अतिरिक्त खर्च पर निजी महाविद्यालयों में पढऩे को मजबूर हो गए।
प्रदेश में 15 विधि महाविद्यालय है जिसमें सरकार ने 10 महाविद्यालयों को मान्यता दे दी। चुनाव में युवाओं को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादे कर डाले, लेकिन अब कोई इस ओर नहीं देख रहा।ऐसे में बूंदी के विधि महाविद्यालय में अब तक प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। प्रदेश के जिन विधि महाविद्यालयों को बार काउंसिल ऑफ इंडिया की संबद्धता मिली है उसमें कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिए है। जबकि प्रदेश के झालावाड़, बूंदी, सिरोही, धौलपुर व नागौर में प्रवेश से छात्र वंचित हैं।
प्रदेश के 10 कॉलेज को ही अनुमति
कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय जयपुर ने एक नवम्बर को प्रदेश के 10 विधि महाविद्यालयों को संबद्धता जारी की थी। जिसमें बीकानेर, कोटा, अलवर, सीकर, भरतपुर, पाली, चूरू, श्रीगंगानगर, अजमेर व भीलवाड़ा शामिल है। इन महाविद्यालय के प्राचार्य को एलएलबी प्रथम वर्ष में ऑफलाइन प्रवेश प्रकिया शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए। आयुक्तालय के अनुसार बार काउंसिल ऑफ इंडिया दिल्ली ने 31 अक्टूबर को प्रदेश के इन 10 कॉलेजों को मान्यता दे दी। साथ ही 15 नवंबर तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर नियमित कक्षा शुरू करने तथा प्रवेश में हुए विलंब के कारण अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर पाठ्यक्रम को समयावधि में पूर्ण करवाने के निर्देश दिए।
बूंदी की अटकी फाइल
कोटा विश्वविद्यालय की टीम ने 17 जून को बूंदी विधि महाविद्यालय का निरीक्षण किया था। जिसमें तीन सदस्य शामिल थे। टीम ने शर्तों के कुछ आधार पर मान्यता जारी कर दी थी। जिसमें भवन शर्त प्रमुख थी। जिसके संबंध में राज्य सरकार की ओर से 42 लाख रुपए का बजट बूंदी कॉलेज के लिए आवंटित कर दिया। इस राशि से हाइवे किनारे भवन (पुराना गल्र्स कॉलेज) का जीर्णोद्धार होगा।बावजूद बूंदी कॉलेज को सम्बद्धता नहीं मिली। सूत्रों ने बताया कि सम्बद्धता मिलने के बाद ही विधि प्रथम वर्ष में प्रवेश दिया जा सकेगा।
‘कोटा विश्वविद्यालय की टीम ने निरीक्षण करने के बाद नई दिल्ली बार काउंसिल ऑफ इंडिया को फाइल भेज दी थी। वहां से अभी सम्बद्धता जारी नहीं हुई। पांच माह से एलएलबी प्रथम वर्ष में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। 13 नवम्बर को महाविद्यालय के सह आचार्य मान्यता के लिए दिल्ली जाएंगे।’
जे.के. जैन, कार्यवाहक प्राचार्य, राजकीय विधि महाविद्यालय, बूंदी
‘विधि महाविद्यालय को नई दिल्ली से सम्बद्धता दिलाने के लिए कई बार ज्ञापन दिया जा चुका, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। इस मामले में सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए। जल्द बूंदी विधि महाविद्यालय को संबद्धता मिले।’
विवेक तिवारी, छात्रसंघ महासचिव, विधि महाविद्यालय, बूंदी
Published on:
09 Nov 2019 10:00 am
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