Ramgarh vishadhaaree Sanctuary: साकार हुआ बूंदीवासियों का सपना, रामगढ़ विषधारी अभयारण्य प्रदेश का चौथा टाईगर रिजर्व घोषित-video
बूंदी. राज्य सरकार द्वारा जिले के रामगढ़ विषधारी वन्य जीव अभयारण्य के टाईगर रिजर्व का नोटिफिकेशन जारी करने के साथ ही जिलेवासियों में हर्ष की लहर दौड पड़ी है और चारों और खुशी का माहौल है। रामगढ़ विषधारी अभयारण्य देश का 52वां तथा प्रदेश का चौथा टाईगर रिजर्व बनने जा रहा है।
राज्य का चौथा टाईगर रिजर्व रामगढ़ अभयारण्य में स्थापित होने जा रहा है। इसका क्षेत्रफल 1501.89 किलोमीटर होगा। अब इसे संरक्षित घोषित कर देने से बाघों की आबादी में भी बढ़ोतरी में खासी मदद मिलेगी। जैव विविधता के संरक्षण के साथ क्षेत्र में रहने वाले जंगल के जीवों की आबादी को संरक्षण मिलेगा और स्थानीय स्तर पर यह क्षेत्र पारिस्थितिकी, पर्यटन और विकास की नई इबारत लिखने में सक्षम होगा। रामगढ़ विषधारी अभयारण्य अब बाघों के बसेरे के रूप में पहचाना जाएगा।
रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व की खासियत इसका पारिस्थितिकी तंत्र और बाघों के अनुकूल वातावरण है। साथ ही यह संरक्षित क्षेत्र भेडिय़ा, तेंदुआ, धारीदार लकड़बग्घा, भालू, सुनहरे सियार, चिंकारा, नीलगाय और लोमड़ी जैसे जंगली जानवरों का निवास स्थल भी है। यह अभयारण्य प्रकृति प्रेमियों के लिए ही नहीं, अपितु देश विदेश से आने वाले सैलानियों के लिए भी वरदान साबित होगा।
पर्यटन को लगेंगे पंख
रामगढ़ विषधारी वन्य जीव अभयारण्य के टाईगर रिजर्व घोषित होने से जिले के पर्यटन विकास को पंख लगेंगे। साथ ही अनुसंधान और शिक्षा के लिए भी अनेक नए मार्ग खुलेंगे। इसके अलावा भीमलत, रामगढ़ महल जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा देंगे और स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका अर्जित करने में भी खासी मदद मिलेगी।
रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभयारण्य के टाईगर रिजर्व घोषित होने से बूंदी के पर्यटन विकास को नए आयाम मिलेंगे। इससे जिले के ईको टूरिज्म में बढोत्तरी होगी। होटल व्यवसाय और रोजगार के अवसर बढेंगे। हम भी रणथम्भोर अभयारण्य के बराबर होगे। प्रशासन द्वारा वन विभाग को हर संभव सहयोग देकर जल्द से जल्द कार्य शुरू करवाए जाएंगे।
रेणु जयपाल, जिला कलक्टर बूंदी