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आठ हजार भेड़ें निष्क्रमण के लिए जंगलों में पहुंच गई, सुरक्षा के लिए चौकियों पर नहीं लगे जवान

मानसून सत्र शुरू होते ही भेड़ निष्क्रमण के लिए मारवाड़ से भेड़ पालक नमाना क्षेत्र के जंगलों में पहुंचने लग गए। अब तक 8000 के लगभग भेड़े निष्क्रमण के लिए जंगल में पहुंच गई। इस बार क्षेत्र के जंगलों में बने प्वाइंटों पर एक भी पुलिस जवान नहीं लगाया गया, जबकि क्षेत्र में 7000 से अधिक भेड़े पहुंच चुकी।

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बूंदी

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pankaj joshi

Jul 16, 2021

आठ हजार भेड़ें निष्क्रमण के लिए जंगलों में पहुंच गई, सुरक्षा के लिए चौकियों पर नहीं लगे जवान

आठ हजार भेड़ें निष्क्रमण के लिए जंगलों में पहुंच गई, सुरक्षा के लिए चौकियों पर नहीं लगे जवान

आठ हजार भेड़ें निष्क्रमण के लिए जंगलों में पहुंच गई, सुरक्षा के लिए चौकियों पर नहीं लगे जवान
7000 से अधिक भेड़ें पहुंच चुकी
नमाना. मानसून सत्र शुरू होते ही भेड़ निष्क्रमण के लिए मारवाड़ से भेड़ पालक नमाना क्षेत्र के जंगलों में पहुंचने लग गए। अब तक 8000 के लगभग भेड़े निष्क्रमण के लिए जंगल में पहुंच गई। इस बार क्षेत्र के जंगलों में बने प्वाइंटों पर एक भी पुलिस जवान नहीं लगाया गया, जबकि क्षेत्र में 7000 से अधिक भेड़े पहुंच चुकी। पशुपालन विभाग के अनुसार इस बार बरसात देर से होने के बाद भी जून के महीने में भेड़ निष्क्रमण के लिए भेड़ पालक अपनी भेड़ों को लेकर जंगल में पहुंचने लगे। 15 जुलाई तक 7000 भेड़ गरड़दा के जंगलों व आसपास के क्षेत्रों में पहुंच गई।
इस बार 3000 अधिक भेड़े निष्क्रमण लिए आई
पशुपालन विभाग के अनुसार इस बार 15 जुलाई तक पिछले वर्ष की तुलना में 3000 से अधिक भेड़ जंगलों में पहुंची। गत वर्ष 15 जुलाई तक 4185 भेड़ निष्क्रमण के लिए आई थी, इस बार 15 जुलाई तक क्षेत्र में 7000 भेड़ निष्क्रमण लिए पहुंच गई।
4 अस्थाई चौकियां, लेकिन एक पर भी जवान नहीं
जिला प्रशासन की ओर से भेड़ निष्क्रमण के दौरान थाना क्षेत्र के जंगलों मेंं चार जगह अस्थाई पुलिस चौकी बनाई गई, जिसमें जिला प्रशासन की ओर से अभी तक एक भी जवान नहीं लगाया गया। पशुपालन विभाग के अनुसार नमाना थाना क्षेत्र के गरड़दा, ग्वार, भैरूपुरा बरड़ में बांकी व लोईचा, डाबी थाने के पलका, सदर थाना के गोलपुर गांव में पॉइंट बनाए गए, जिन पर पुलिस कांस्टेबल लगाए जाने थे, लेकिन 15 जुलाई बीतने के बाद भी पुलिस अधिकारियों ने भेड़ निष्क्रमण के कार्य को हल्के में लिया है।
भेड़ निष्क्रमण का कार्य शुरू हो गया, अब तक क्षेत्र के जंगलों में 7000 भेड़ आ चुकी। जिनके नियमित टीकाकरण व जांच की जा रही है। कोविड-19 की पालना भी भेड़ पालकों को से करवाई जा रही है। अस्थाई चौकियों पर अभी तक कोई जवान उपलब्ध नहीं है, जिसकी सूचना जिला प्रशासन को दे दी गई।
कमलेश मीणा, भेड़ निष्क्रमण चेक पोस्ट प्रभारी, गरड़दा