रामगंजबालाजी.कुंवारती कृषि उपज मंडी में लदान की व्यवस्था बिगडऩे से अपनी उपज बेचने के लिए भी किसान परेशान हो रहे है। जानकारी अनुसार कृषि उपज मंडी में छुट्टियों के बाद धान की आवक होने के बाद मंडी के हालात बेकाबू होने लगे हैं।
यहां पर 3 दिन मंडी चलने के बाद ही मंडी में आने वाले माल का संपूर्ण लदान नहीं होने से अपनी उपज बेचने आने वाले किसानों को कड़ाके की सर्दी में रात भर मंडी गेट के बाहर अपने वाहनों को खड़ा करके लाइनों में रात भर गुजारनी पड़ रही है। वर्तमान में टीन शेड में व्यापारियों की बोरियां पड़ी हुई हैं।जबकि खराब मौसम होने के बाद में किसानों का माल बेचने के लिए सरकार द्वारा टीनशेड का निर्माण कराया गया था, लेकिन टीनशेड के नीचे व्यापारियों की बोरियां रखी हुई है।मंडी में माल बेचने आने वाले किसानों को मंडी में देने के बाद में भी दो-दो घंटे तक सडक़ों पर अपने वाहनों को खाली करने के लिए कतार में खड़ा रहना पड़ता है। इस मामले को लेकर भारतीय किसान संघ के मंडी प्रमुख रामनिवास भगत ने बताया कि यदि मंडी प्रशासन द्वारा किसानों की सुनवाई नहीं की गई तो किसान संगठनों द्वारा प्रदर्शन किया जाएगा।
श्रमिकों का है बहाना
यहां पर मंडी में माल लदान को लेकर मंडी प्रशासन द्वारा बार-बार श्रमिकों की कमी बताते हुए लदान का संपूर्ण कार्य नहीं करवाने से पल्ला झाड़ लेते हैं। पूर्व में मंडी प्रशासन द्वारा बिहार में होने वाली छठ पूजन को लेकर श्रमिकों की कमी बात कह कर व्यापारियों का पक्ष लेते आ रहे हैं।
अब छठ पूजन होने के लगभग 10 दिन बाद भी मंडी के हालात जस के तस पड़े हैं। यहां पर व्यापारियों द्वारा अपने निजी संसाधनों से ही माल को धीरे-धीरे उठाने से किसानों को दो से तीन दिन तक उपज बेचने का इंतजार करना पड़ रहा है। जबकि वर्तमान में मंडी में दो कवर्ड व चार अन्य प्लेटफार्म बनने के बावजूद भी पर्याप्त व्यवस्था होने के बाद भी मंडी प्रशासन द्वारा यहां की व्यवस्था में सुधार नहीं किए जाने का खामयाजा यहां उपज बेचने आने वाले किसानों को भुगतना पड़ रहा है।