
रीट में पदों की संख्या बढ़ाकर 50 हजार करो
रीट में पदों की संख्या बढ़ाकर 50 हजार करो
स्टूडेंट्स फैडरेशन ऑफ इंडिया ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
बूंदी. स्टूडेंट्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले बेरोजगार युवकों ने यहां जिला कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया और तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि 26 सितम्बर 21 को 31 हजार पदों के लिए रीट भर्ती परीक्षा हुई थी। इस भर्ती परीक्षा की घोषणा दिसम्बर 2019 में की गई थी। तब परीक्षा अगस्त 2020 में होनी थी। कोरोना महामारी के कारण परीक्षा दो वर्ष बाद हुई। जिसके कारण रीट अभ्यर्थियों की संख्या में वृद्धि हो गई। साथ ही बड़ी संख्या में शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए। अभी शाला दर्पन के अनुसार तृतीय श्रेणी के करीब 55 हजार शिक्षकों के पद रिक्त बताए।
रीट अभ्यर्थियों की संख्या 26 लाख है। ऐसे में मात्र 31 हजार पदों की भर्ती ऊंट के मुंह में जीरा समान हुई। ऐसे में सरकार रीट में पदों की संख्या बढ़ाकर 50 हजार करें। इस दौरान संगठन के अध्यक्ष महावीर गुर्जर, विनोद धाकड़, गोविंद मीणा, संदीप मीणा, आशीष राठौर, राहुल शर्मा, दीनदयाल मीणा, लोकेश किराड़, रजनेश शर्मा, रामदेव गोचर, कुलदीप सिंह आदि सहित कई युवक मौजूद थे।
स्वीकृति जारी होने से पहले ही कर दिया भुगतान
लोकायुक्त ने जांच कराई तो पकड़ में आया वित्तीय अनियमितता का खेल
सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी के नाम जारी किए वसूली के नोटिस
खजूरी ग्राम पंचायत का मामला
नैनवां. लोकायुक्त के आदेश पर नैनवां पंचायत समिति की ओर से खजूरी ग्राम पंचायत के निर्माण कार्यों की कराई जांच में चार निर्माण कार्यों में अनियमितता पकड़ में आई है। ग्राम पंचायत ने एक कार्य का तो कार्य की बिना वित्तीय स्वीकृति के ही कार्य पूरा होना बताकर भुगतान कर दिया तो तीन कार्यों की वित्तीय स्वीकृति जारी होने से पूर्व ही कार्य पूरा होना बताकर भुगतान कर दिया। विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत के सरपंच रेशमबाई मीणा व ग्राम विकास अधिकारी विष्णुप्रसाद पालीवाल के नाम अनियमित भुगतान की राशि जमा करवाने के लिए वसूली नोटिस जारी किया है। चारों कार्यों पर एक लाख 46 हजार 548 रुपए का अनियमित भुगतान होना मानते हुए सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी से वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी। ग्राम पंचायत द्वारा कराए कार्यों में अनियमितता की लोकायुक्त के यहां शिकायत की थी। लोकायुक्त ने नैनवां पंचायत समिति के विकास अधिकारी को शिकायत की जांच कराने के आदेश दिए। जिस पर विकास अधिकारी ने पंचायत समिति के दो अधिकारियों की टीम गठित कर जांच कराई तो चार कार्यों पर अनियमितता मिली।
जांच में यह आया सामने
विकास अधिकारी जतनसिंह गुर्जर ने बताया कि लोकायुक्त के आदेश पर खजूरी ग्राम पंचायत के निर्माण कार्यों की जांच के लिए दो अधिकारियों सहायक विकास अधिकारी व सहायक अभियंता आदेशकुमार मीणा की समिति गठित की। समिति ने पंचायत के 28 कार्यों की जांच की। जिसमें चार कार्यों में अनियमितता मिली। ग्राम पंचायत ने बिना वित्तीय स्वीकृति के ही खजूरी गांव में एनिकट का झोपड़ा में खाळ पर पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन डालने का कार्य होना बताकर 35 हजार 548 रुपए का भुगतान कर दिया। खजूरी गांव में ही वित्तीय जारी होने से पूर्व ही झण्डूलाल के मकान के सामने पानी की निकासी के लिए पाइप डालने के कार्य का 16 हजार रुपए का भुगतान कर दिया। खजूरा गांव में स्कूल के सामने पानी की निकासी के लिए पाइप डालने के कार्य का 48 हजार रुपए का भुगतान कर दिया। खजूरा गांव में सोराज मीना के मकान के पास रपटा पर पानी की निकासी के लिए पाइप डालने के कार्य का 48 हजार रुपए का भुगतान कर दिया। अभी सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी के नाम वसूली के नोटिस जारी किए हैं। उसके बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
24 Dec 2021 08:24 pm
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