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किसानों के अरमानों पर फिर रहा पानी

आषाढ़ माह बीतने को आया, लेकिन मानसून की मेहरबानी नहीं हो रही। ऐसे में काश्तकारों की चिंता बढ़ गई। झुलसा देने वाली धूप व बारिश के अभाव में किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। अभी क्षेत्र में बुवाई पूरी नहीं हो सकी।

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बूंदी

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pankaj joshi

Jul 14, 2021

किसानों के अरमानों पर फिर रहा पानी

किसानों के अरमानों पर फिर रहा पानी

किसानों के अरमानों पर फिर रहा पानी
बडाखेडा. आषाढ़ माह बीतने को आया, लेकिन मानसून की मेहरबानी नहीं हो रही। ऐसे में काश्तकारों की चिंता बढ़ गई। झुलसा देने वाली धूप व बारिश के अभाव में किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। अभी क्षेत्र में बुवाई पूरी नहीं हो सकी।
पापड़ी, जाड़ला, लबान, माखीदा, सखावदा, बसवाडा, पाली, बहडावली गांव में पड़त खेतों को देखकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी। किसान सुरेन्द्र शर्मा, बुद्धिप्रकाश मीणा, साहब लाल गुर्जर, पवन मीणा ने बताया की करीब 100 बीघा जमीन पर फसल बुवाई के लिए बारिश का इंतजार पूरा नहीं हो रहा। क्षेत्र में दो वर्षों से मानसून समय पर नहीं पहुंच रहा। बीते वर्ष टिड्डी दल के हमले व बारिश के अभाव में सोयाबीन, उड़द, मक्का की फसलों ने अपना दम खेत में ही तोड़ दिया था। इसका नुकसान आज तक पूरा नहीं हुआ। इस बार फिर मानसून की बेरुखी को लेकर किसानों को चिंता सता रही। कोरोना महामारी के चलते फसलों के साथ खाद, कीटनाशक भी महंगा हो गया। किसानों के लिए डीजल की खरीद कर सिंचाई करना बूते से बाहर हो गया।

बारिश नहीं होने से किसान चिंतित
हिण्डोली. क्षेत्र के गांव में 13 जुलाई तक बारिश का संयोग नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई। यहां पर जनवरी से अब तक मात्र 51 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि गत वर्ष 13 जुलाई तक 178 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को भी चिलचिलाती धूप निकलने से ग्रामीण, किसान चिंतित नजर आए, यहां पर बारिश नहीं होने से किसान मायूस होने लग गए। इस बार एक भी तेज बारिश नहीं हुई। ऐसे में क्षेत्र के सभी नदी नाले, बांध तालाब में पानी की आवक नहीं हुई।