
राजस्थान स्वतंत्रता आंदोलन व इतिहास से रूबरू होंगे विद्यार्थी
राजस्थान स्वतंत्रता आंदोलन व इतिहास से रूबरू होंगे विद्यार्थी
- विद्यार्थियों के बस्ते का होगा बोझ कम
- जून मेें दो चरणों में होगा पुस्तकों का वितरण
- माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक के जारी किए निर्देश
नागेश शर्मा.गुंजन बाकलीवाल
बूंदी. नए शैक्षणिक सत्र 2020-21 से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब राजस्थान के स्वतंत्रता आंदोलन व शौर्य परम्परा की गाथा से रूबरू होंगे। साथ ही राजस्थान के इतिहास व संस्कृति को भी पढ़ेंगे। यह होगा राजस्थान राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल की ओर से वितरित की जाने वाले नए पाठ्यक्रमों की पुस्तकों में। शिक्षा विभाग की ओर से शैक्षणिक सत्र 2020-21 में राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित करने को लेकर कवायद शुरू हो गई। इस बार के पाठ्यक्रम में कई बदलाव के साथ विद्यार्थियों को आजादी के बाद के स्वर्णिम भारत के बारे में भी जानकारी मिलेगी। इस वर्ष एनसीइआरटी का कोर्स लागू होगा। वहीं कुछ कक्षाओं का कोर्स बदला है।
जहां एक ओर कोरोना संक्रमण के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई कम से कम प्रभावित हो, इसके लिए शिक्षा विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है। वहीं दूसरी ओर राज्य के सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के नन्हें कंधों से बस्ते का बोझ कम करने का सरकार ने विद्यार्थियों को एक और तोहफा दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ने इस संंबंध में निर्देश जारी कर सत्र 2020-21 में नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का यह वितरण राजस्थान पाठ्य पुस्तक मंडल की ओर से प्रथम चरण में 1 से 10 जून व दूसरे चरण में जून माह के अंतिम सप्ताह तक किया जाना है।
नौनिहालों को मिलेगी त्रैमासिक पाठ्य पुस्तिका, बोझ हुआ कम
बस्ते का बोझ कम करने के पायलेट प्रोजेक्ट के तहत कक्षा 1 से 5वीं तक की नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें विषयवार न होकर त्रैमासिक पुस्तिका भाग-1, भाग-2 व भाग-3 होगी। जिन विद्यार्थियों को विषयवार नि:शुल्क पुस्तकें मिलेगी, उन्हें त्रैमासिक नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक प्रदान नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि राजकीय विद्यालयों में बच्चों को बस्ते का बोझ कम करने के पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत पिछले साल की गई थी, जिसकी सफलता के बाद इस वर्ष इसे समस्त राजकीय विद्यालयों में लागू किया है।
फैैक्ट फाइल
जिले में विद्यार्थी - 125318
जिले में विद्यालय - 1208
प्रदेश में विद्यार्थी - 6715369
राज्य में विद्यालय - 65097
पाठ्यक्रम में हुए यह महत्वपूर्ण परिवर्तन
- कक्षा 6 से 9 व कक्षा 11वीं में एनसीइआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया है। प्रत्येक विद्यार्थी को नई पुस्तकें वितरित की जाएगी।
- कक्षा 9 में राजस्थान का स्वतंत्रता आंदोलन व शौर्य परम्परा की नई पुस्तक लागू की है।
- कक्षा 10 में राजस्थान का इतिहास व संस्कृति विषय की पुस्तक शुरू की गई है।
- कक्षा 11वीं में आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत भाग-1 नई पुस्तक जोड़ी गई है।
- कक्षा 11वीं में सिंधी, गुजराती, पंजाबी आदि साहित्य विषयों व दर्शनशास्त्र, कृषि विज्ञान, संगीत, लोक प्रशासक आदि कई विषयों के लिए राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की प्रचलित पुस्तकें ही लागू रहेगी।
- कक्षा 12वीं में आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत भाग-2 नई किताब जोड़ी गई है।
- जिस नोडल विद्यालय के माध्यम से अधीनस्थ विद्यालयों के लिए नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों की मांग की है, उन विद्यालयों को वितरण भी उसी नोडल विद्यालय द्वारा किया जाएगा।
भंडारण को लेकर यह भी
निदेशालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार यदि कोई ब्लॉक नोडल विद्यालय कोरोना के चलते आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है तो वहां नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों के भंडारण के लिए पर्याप्त कक्षों का अभाव है तो ब्लॉक नोडल विद्यालय के निकट राजकीय विद्यालय में नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों के भंडारण की व्यवस्था की जाएगी। ऐसी स्थिति में भंडारण वितरण की पूरी जिम्मेदारी ब्लॉक नोडल विद्यालय की रहेगी।
इन्हें मिलेगी पुस्तकें
आदेश के अनुसार राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8वीं के समस्त विद्यार्थियों तथा कक्षा 9 से 12वीं के समस्त छात्राओं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों एवं वह छात्र जिनके अभिभावक आयकर नहीं देते हैं, उन्हें नि:शुल्क पाठ्य पुस्तके वितरित की जाएगी। वहीं जिला वितरण केंद्र से ब्लॉक नोडल विद्यालय तक नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें पहुंचाने की जिम्मेदारी राजस्थान राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल की रहेगी। कार्य में लापरवाही बरतने पर संस्था प्रधान व प्रभारी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
‘नए शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण होना है। इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बार कुछ कक्षाओं में नई पुस्तकें जोड़ी गई है। साथ ही एनसीइआरटी कोर्स लागू किया है। जून में दो चरणों में पुस्तकों का वितरण होगा। पहला चरण 1 जून से शुरू होगा।’
सतीश जोशी, सहायक निदेशक, स्कूल शिक्षा, बूंदी
Published on:
20 May 2020 09:10 am
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