Amrit Sarovar: हर ग्राम पंचायत में बनेंगे अमृत सरोवर, ग्रामीणों को मिलेगी शहरी पार्कों जैसी सुविधा-video
107 किए चिह्नित, 70 की जारी की स्वीकृति, 50 का काम हुआ शुरू
किनारों पर लगेगी फुलवारी, वॉङ्क्षकग ट्रेक बनेंगे
बूंदी. जिले के गांवों में अब शीघ्र ही अमृत सरोवर नजर आएंगे। अमृत सरोवरों के तट पर छायादार व खुशबूदार पौधे भी लगाए जाएंगे। सरोवरों के किनारों पर पहुंचने वाले लोगों को वॉङ्क्षकग ट्रेक की सुविधा भी मिलेगी। जिले के 75 गांवों में अमृत सरोवर विकसित करने के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से मिले दिशा-निर्देशों के बाद यहां जिला परिषद ने कवायद शुरू कर दी है। बूंदी जिले में 107 स्थानों का चिह्नित कर करीब 70 सरोवरों की स्वीकृति जारी कर दी गई है। इसमें से करीब 50 पर कार्य शुरू कर दिए गए हैं। 15 अगस्त से पूर्व इनका निर्माण करना होगा। अमृत सरोवर में बनने वाले सरोवर का कार्य नरेगा एवं अन्य योजनाओं (कन्वर्जन) के तहत कराया जाएगा।
केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में बनने वाले अमृत सरोवर के तहत होने वाले निर्माण कार्य प्रत्येक जिले में होंगे। सरोवर कार्यों की मॉनिटरिंग अधिकारी एप के जरिए कर सकेंगे। जल संरक्षित करने एवं नरेगा मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य को लेकर अमृत सरोवर बनाए जाएंगे। इसके तहत जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायतों में तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा, ताकि उसमें जल संरक्षण किया जा सके। आमतौर में देखने में आया है कि जिले के तमाम क्षेत्रों में गर्मी की शुरुआत में ही जल संकट शुरू हो जाता है। ऐसी समस्या अगले वर्ष की गर्मी में उत्पन्न न हो, इसको लेकर महकमे ने तैयारी की है।
ऐसे होगा चिह्नीकरण
अमृत सरोवर का चिह्नीकरण उसके एरिया के हिसाब से होगा। जहां पर पानी की संभावना कितनी होगी, पानी की स्टोरेज हो सकेगा या नहीं सहित अन्य नियमों के आधार पर सरोवरों का चिह्नीकरण किया जाएगा। इस पर होने वाला खर्च कार्य केे अनुसार होगा। इसकेे लिए प्रत्येक तालाब में दो पंचायत प्रतिनिधि लगाए गए है। जो कार्य कर रहे मजूदरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे सकें।
सरोवर में 15 अगस्त को होंगे ध्वजारोहण
जिला परिषद के अधिशासी अभियंता प्रियवृत ङ्क्षसह ने बताया कि अमृत सरोवर कम से कम 0.4 हैक्टेयर या एक एकड़ में बनाए जाने हैं। जिले में लक्ष्य के अनुरूप कार्यस्थलों गांवों को चिह्नित कर लिया गया है। प्रत्येक अमृत सरोवर में लगभग 10 हजार घन मीटर की जल भराव क्षमता के साथ न्यूनतम 1 एकड़ का तालाब क्षेत्र होगा। इन अमृत सरोवरों पर 15 अगस्त को ही जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, स्वतंत्रता सैनानियों द्वारा फ्लेग हॉस्टिंग भी किया जाएगा।
कई किस्मों के पौधे
अमृत सरोवर के तहत तालाब के किनारे ही नीम, पीपल और बरगद आदि किस्मों के पौधे लगाए जाएंगे। तथा वॉकिंग ट्रेक के आसपास खुशबू दार पौधे भी लगाए जाएंगे। ये तालाब वर्षा जल संरक्षण और भू-जल स्तर को बनाए रखने में मददगार हो सकेंगे। इसके साथ ही तालाब पर आधुनिक घाट का निर्माण भी कराया जाएगा।
केन्द्र सरकारी की अमृत सरोवर योजना के तहत जिले के गांवों में 75 अमृत सरोवर तैयार किए जाएंगे। जिसमें कम से कम 0.4 हैक्टेयर या एक एकड़ जमीन होना जरूरी है। सरोवर के चारों तरफ फलदार व छायादार पौधे लगाए जाएंगे। ये सभी कार्य नरेगा के तहत होंगे। जिले में 107 जगह चिह्नित कर लिए गए हैं। इसमें से 70 अमृत सरोवर की स्वीकृति जारी कर दी गई है। इनका कार्य 15 अगस्त तक पूर्ण करना है।
मुरलीधर प्रतिहार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी,जिला परिषद,बूंदी