video: पंचायत समिति की बैठक में नहीं आए पंचायत समिति सदस्य, सरपंच व प्रधान भी नही आए
नैनवां. राजीव गांधी जल संचय योजना-द्वितीय चरण व प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत पंजीकृत परियोजनाओं की डीपीआर का अनुमोदन कराने के लिए सोमवार को बुलाई नैनवां पंचायत की साधारण सभा की बैठक में दूसरी बार भी कोरम पूरा नही हो पाया तो एक ही विषय के अनुमोदन के लिए बुलाई बैठक में दूसरी बार भी कोरम पूरा नही होने पर पंचायत राज अधिनियम की धारा 48 का हवाला देते हुए अनुमोदन मानते हुए पंचायत समिति प्रशासन ने जिला परिषद को भेज दिया।
दोनों मामलों के अनुमोदन के लिए सोमवार को आयोजित साधारण सभा की दूसरी बार भी पंचायत समिति सदस्य व सरपंच बैठक में नही आने से कोरम पूरा नही हो पाया था। प्रधान पदमकुमार नागर भी बैठक में नही आए। जबकि प्रधान की अध्यक्षता में ही बैठक बुलाई थी। इससे पूर्व 8 मई को भी बैठक बुलाई थी। उस दिन भी कोरम के अभाव में बैठक स्थगित करना पड़ा था।
इन विभागों के अधिकारी मौजूद रहे
बैठक में जलदाय विभाग, जेवीवीएनएल, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जल ग्रहण विकास व भू संरक्षण विभाग, महिला व बाल विकास विभाग, कृषि विभाग, चिकित्सा विभाग, पुलिस विभाग, पशुपालन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
परियोजना में 5 पंचायतों के 14 गांव शामिल
जल ग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग के सहायक अभियंता थानमल नागर ने बताया कि राजीव गांधी जल संचय योजना-द्वितीय चरण वर्ष 2022-23 के परियोजना प्रतिवेदन में नैनवां पंचायत समिति की पांच ग्राम पंचायतों आन्तरदा, जरखोदा, करवर, कैथूदा व माणी ग्राम पंचायतों के 14 गांवों अरनेठा, फतेहगंज, जरखोदा, कलम्या, अरियाली, करवर, कांकरिया, कैथूदा, सगतपुरा, बिशनपुरा, हीरापुर, काशीपुरा, कुम्हारिया व माणी को सम्मिलित किया है। इन गांवों के 5523 हेक्टर क्षेत्र को विकसित करने के लिए 1383 लाख 74 हजार रुपए की लागत आएगी।
इसलिए नही आए प्रधान
प्रधान पदमकुमार नागर का कहना है कि प्रदेश भर में पंचायत समिति सदस्यों द्वारा बैठकों के बहिष्कार का निर्णय ले रखा। जिसके चलते बैठक में नहीं आए।
इस अधिनियम के तहत अनुमोदन किया
विकास अधिकारी डॉ. सरोज बैरवा ने बताया कि पंचायत राज अधिनियम की धारा 48 के तहत एक विषय पर दूसरी बार बुलाई बैठक में भी कोरम पूरा नहीं हो तो भी उस विषय को अनुमोदित मान लिया जाता है। बैठक के दोनों विषयों का अनुमोदन कर प्रस्ताव जिला परिषद को भिजवा दिया।