video: प्रदेश के 8 हजार स्कूलों पर बंद होने का मंडराया खतरा, डाटा एंट्री में सुस्ती, नहीं दिखा रहे संस्था प्रधान रूची
बूंदी. यू डाइस प्लस के केंद्रीयकृत पोर्टल पर डेटा एंट्री के मामले में प्रदेश के आठ हजार से अधिक स्कूलों पर बंद होने का खतरा मंडराने लगा है। जी हॉ। इन स्कूलों के करीब 18 लाख 26 हजार 244 बच्चों का डाटा अभी तक स्कूल संचालक द्वारा यू डाइस प्लस पर फीड नहीं किया गया है। ऐसे में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार समय पर कार्य पूर्ण नहीं होने पर इन स्कूलों में ताले लग सकते है।
प्रदेश में 1 लाख 6 हजार 900 स्कूल है। इसमें से 1 करोड़ 76 लाख 67 हजार 510 बच्चों में से 1 करोड़ 56 लाख 82 हजार 331 बच्चों का डाटा फीड हो चुका है। ऐसे में इनको शीघ्र ही इन प्रोसेस को पूरा करना होगा,अन्यथा केंद्रीय शिक्षा विभाग द्वारा इन स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा। बूंदी जिले के 1847 विद्यालयों में से 40 विद्यालयों ने डाटा फीड़ नहीं किया है। इसमें करीब 7 हजार बच्चों का डाटा फीड़ होना बाकि है। कहेंं तो इन स्कूलों में डेटा एंट्री के मामले में सुस्ती चल रही है। समय-समय पर स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा चेताया भी गया है, बकायदा नोटिस भी जारी किया गया है। फिर भी स्कूल संचालक इसमें लापरवाही बरत रहे है। कार्यक्रम अधिकारी राजेश चतुर्वेदी ने बताया कि पेंडिंग विद्यालय में डाटा और वेरिफ्रिकेशन से संंबंधित कार्य जिन विद्यालयों में नहीं हुआ है,उन्हें कार्यालय स्तर से नोटिस जारी कर दिया है।
तीन मॉड्यूल में करना है कार्य
स्कूल संचालकों को तीन मॉड्यूल के आधार पर इसमें डाटा एंट्री करनी है। स्कूल प्रोफाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर और टीचर मॉडयूल। हालांकि कई जगहों पर तीनों में कार्य नहीं हो सका। बूंदी में सिर्फ बच्चों की डाटा फीडिग़ का कार्य बचा है। इससे केंद्रीय शिक्षा मंऋालय की ओर से प्रारंभ इस पोर्टल पर पूरी जानकारी एकत्र नहीं हो रही है। जिन स्कूलों में डेटा एंट्री नहीं की है,उसमें निजी के साथ ही राजकीय स्कूल भी सम्मिलित है। डाटा फीड़ नहीं करने पर इन स्कूलों को सरकार की ओर से मिलने वाली राशि भी नहीं मिलेगी।
यह है यू डाइस प्लस
यू डाइस प्लस एक वर्चुअल टाइम पोर्टल है। भारत सरकार द्वारा देश के सभी स्कूलों का डाटा एकीकृत करने के लिए तथा शिक्षकों को ऑनलाइन सुविधाएं जैसे रोजाना रिपोर्ट संस्करण करने के लिए इस पोर्टल को जारी किया गया है। इस पोर्टल की माध्यम से किसी भी स्कूल की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते है। इससे सरकार को शिक्षा के क्षेत्र में नीति निर्धारण में भी मदद मिलती है।
आधार नम्बर सत्यापन की समस्या
पोर्टल पर स्टूडेंट्स व टीचर्स की सूचनाएं अपडेट करने में जनाधार और आधार नंबर जरूरी है। अब भी कई विद्यार्थियों के जनाधार और आधार नम्बर पोर्टल पर सत्यापित नहीं हो रहे हैं। इसमें नाम की स्पेङ्क्षलग, सरनेम, जन्म दिनांक, स्पेङ्क्षलग के बीच स्पेस जैसी समस्या हैं। इस कारण सत्यापन नहीं होने से पोर्टल पर अन्य एंट्री में विलंब हो रहा है। पहले ग्रीष्मावकाश के चलते डाटा फीड नहीं हो सका,अब स्कूल खुलने के बाद भी स्कूल संचालक इसमें रूची नहीं दिखा रहे है।
पाबंद कर दिया
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से 15 जुलाई तक स्कूलों को डाटा वेरिफ्रिकेशन के लिए पांबद कर दिया गया है।
दलीप सिंह गुर्जर, सहायक परियोजना समन्वयक,समग्र शिक्षा,बूंदी