आठ सौ कट्टें दो घण्टे में ही बंट गए, प्रति किसान दो कट्टें ही हाथ लगे-video
– खरीफ फसल के लिए यूरिया की किल्लत जारी
नैनवां. मांग के अनुरूप यूरिया की आपूर्ति नहीं हो पाने से नैनवां उपखण्ड में किसानों को खरीफ की फसलों के लिए आवश्यकतानुसार यूरिया नहीं मिलने से यूरिया की किल्लत बनी हुई है। यूरिया की किल्लत की स्थिति यह बनी हुई है कि कई दिनों बाद मंगलवार को एक दुकान पर यूरिया आते ही किसान लेने के लिए दौड़ पड़े। दुकान पर आए आठ सौ कट्टें दो घण्टे में ही वितरित हो गए। कट्टें कम होने व किसान अधिक आ जाने से प्रति किसान आधार कार्ड प्रति किसान दो-दो कट्टों का ही वितरण करना पड़ा। यूरिया नहीं मिल पाने से कई किसान खाली हाथ ही लौट गए।
नगरपालिका के सामने स्थित एक दुकान पर यूरिया खाद का ट्रक पहुंचने की जानकारी मिलते ही दुकान के बाहर किसानों की भीड़ लग गई। जिनमे महिला किसान भी शामिल थी। कट्टें कम आने व किसान अधिक होने से दुकानदार ने किसानों को कतारों में खड़ा करवा कर खाद का वितरण शुरु कराया। दुकानदार ने बताया कि दुकान पर आठ सौ कट्टें आए थे। प्रति किसान दो-दो कट्टें वितरित करवा दिए। खाद की किल्लत की स्थिति यह है कि दुकान पर आया खाद दो घण्टे में ही वितरित हो गया।
कृषि विभाग के जानकार सूत्रों का कहना है कि पहले रबी की फसल के समय अक्टूबर माह के बाद से ही यूरिया की किल्लत हुआ करती थी। लेकिन इस वर्ष तो खरीफ की फसल के समय जुलाई में ही यूरिया की किल्लत पैदा हो गई थी। अभी किसानों को मक्ïका, बाजरा व ज्वार की फसलों में देने के लिए यूरिया की आवश्यकता है। किसानों को खरीफ की फसलों के लिए जितना यूरिया की आवश्यकता है। उतने यूरिया की आपूर्ति नहीं हो पा रही।
इन गांवों के किसान लगे कतारों
यूरिया में लिए कतारों में खड़े किसानों ने बताया कि मक्का, बाजरा व ज्वार की फसलों के लिए यूरिया की आवश्यकता है। बिजलबा, सुवानिया, पांडुला, चेनपुरिया, खोलडा, भावपुरा, सुन्थली, धीरपुर, धानुगांव, खानपुरा, मानपुरा, दियाली, टोपा, कोरमा, फूलेता, खेरुणा, दलेलपुरा, नाथड़ी, नाथड़ा बागेडा, बड़ीपडाप, छोटीपडाप, बम्बूली, भोमपुरा, लालगंज सहित अन्य गांव के किसानों ने बताया कि एक पखवाड़े से यूरिया नहीं मिल पा रहा।