दो वर्षों से सामुदायिक भवन में ले रखी शरण-video
नोताडा. दो वर्षों पहले अगस्त माह में अतिवृष्टि के कारण कई लोगों के मकान ढह गए थे। लेकिन पीडि़तों को अभी तक भी कोई सहायता नहीं मिलने की जानकारी सामने आ रही है। नोताडा निवासी नरेश मीणा ने राजस्थान पत्रिका को अपनी पीड़ा बयां करते हुए बताया कि अगस्त 2021 में रातभर तेज बारिश हुई तो उनके मकानों में पानी घुस गया सुबह तक भी बारिश का दौर चला था।
जिससे पानी बढ़ता ही जा रहा था हमे जैसे-तैसे जान बचाकर घर से भागना पड़ा था। कुछ सामान मकान ढहने से उसके नीचे मलबे में दब गए थे जिन्हे पानी उतरने के बाद निकाला गया था। खाने के गेहूं तक नहीं बचे थे पंचायत प्रशासन द्वारा सामुदायिक भवन में रहने के लिए व्यवस्था करवाई गई तथा एक महीने का राशन दिया था। पिछले दो वर्षों से इसी सामुदायिक भवन में निवास कर रहे हैं लेकिन सरकार की और से हमें मकान ढहने की अभी तक कोई सहायता नहीं दी गई।
पहलें बाढ़ राहत की सूचियों में नाम भी आए थे जिनमें 95 हजार रुपए बाढ़ राहत के मिलने थे। लेकिन वह भी अभी तक नहीं मिले तथा ना ही प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान आया। मीणा ने बताया की वह दूसरों के ड्राइवरी करके परिवार का पेट पालते है। दो वर्ष पहले बाढ़ से पांच जनों के मकान ढह गए थे। जिन्हे इधर-उधर रहने की व्यवस्था करनी पड़ी थी अब तक भी इन लोगों को सरकारी सहायता की दरकार है।
इस मामले में भाजपा लाखेरी ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष रामसिंह चौधरी ने बताया की सरकार के द्वारा बाढ़ राहत में इन लोगों के लिए 95 हजार की राशि स्वीकृत करके अभी तक भी पीडि़त के लिए उपलब्ध नहीं करवाना सरकार की उदासीनता दर्शाता है। बाढ पीडि़त को जल्द सहायता उपलब्ध करवाई जाए ताकि वह अपना घर बना सके।
सरपंच रामदेव पहाडीया ने बताया की बाढ़ राहत की राशि की सूची भी आई थी जिसमें पांच जनों के 95 हजार की राशि स्वीकृत हुई थी। लेकिन अभी तक नहीं मिली है इसको लेकर पंचायत समिति में भी मांग उठा चुके हैं। पांच व्यक्तियों में से दो जनों के तो पीएम आवास में नाम आ चुके हैं। लेकिन तीन व्यक्तियों के नाम आवास में आए ना ही उन्हें बाढ़ राहत की राशि मिल पाई है।