बूंदी बंद का रहा मिलाजुला असर-video
बूंदी. कोटा विकास प्राधिकरण में बूंदी जिले के गांवों को शामिल करने के विरोध में बूंदी बचाओ संघर्ष समिति के आव्हान पर बूंदी बंद का मिलाजुला असर रहा। शहर के मुख्य बाजार कोटा रोड, इंद्रा मार्केट, सब्जी मंडी मार्केट, बाईपास रोड मार्केट, मिस्त्री मार्केट, लंका गेट रोड, सब्जी मंडी रोड, नैनवा रोड, देवपुरा, सदर बाजार, मोची बाजार, कागदी देवरा, लंका गेट रोड, ठेला एवं थड़ी व्यापारी लोगों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे तो कुछ दुकानदारों ने रोज की दुकानें खोली। वहीं बूंदी बचाओ संघर्ष समिति द्वारा कोटा विकास प्राधिकरण के प्रति रोष प्रकट करते हुए जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया।
संयोजक अशोक जैन ने बताया कि बूंदी के मुख्य बाजार में लोगों ने स्वेच्छा से बाजार बंद रखे। कोटा व्यापार संघ के अध्यक्ष राजकुमार शृृंगी, उपाध्यक्ष हरीश बिलोची ने बताया कि कोटा रोड पूर्ण बंद रहा इंद्रा मार्केट के नौरत मल अग्रवाल एवं महेश बहेडिया ने बताया कि इंद्रा मार्केट में सभी व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। समिति के कार्यकर्ताओं द्वारा बाजारों में घूम-कर भ्रमण किया। सभी ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखी। दोपहर को समिति पदाधिकारीयों द्वारा जिला कलक्टर कार्यालय पहुंच कर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
संयोजक जैन ने इससे पूर्व संबोधित करते हुए कहा कि कोटा विकास प्राधिकरण विधेयक को रद्द नहीं किया गया तो अनिश्चित काल के लिए बूंदी बंद करने का निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान रोटेरियन केसी वर्मा, पार्षद संदीप देवगन, फणी भूषण सुरलाया, पंडित आत्माराम, महावीर प्रसाद शर्मा पेंशनर समाज, हर्षवर्धन भटनागर, अशोक चित्तौड़ा, मान मल, रोशन बिलौची, राजकुमार शृंगी, व्यापार महासंघ अध्यक्ष निरंजन ङ्क्षजदल, बलराम वरयानी, अध्यक्ष अभिभाषक परिषद् आनन्द नरूका, सचिव मुकेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।
गांवो को केडीए से बाहर रखा जाए
भाजपा के कोटा संभाग की प्रभारी विस्तारक योजना गौरव शर्मा ने केडीए में जिले के गांव को शामिल करने के विरोध में हुए बूंदी बंद को समर्थन देते हुए कहा कि जिले के बूंदी व पाटन विधानसभा के गांववासियों के साथ धोखा है, बूंदी जिले के अस्तित्व को चुनौती है।