video: पर्यटकों की पहुंच से दूर पर्यटक स्थल जानकारी के अभाव से नहीं उठा पाते लुप्त
नमाना. बरड क्षेत्र का मुख्य द्वार कहलाने वाला नमाना मार्ग पर पर्यटक स्थलों की भरमार है। लेकिन लोगों की पहुंच व जानकारी के अभाव से आज भी कहीं पर्यटक स्थल पर लोग पिकनिक मनाने नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस क्षेत्र में पिकनिक मनाने आने वालों के लिए एक ही दिन में करीब आधा दर्जन पर्यटक स्थलों पर पिकनिक मनाने का आनंद उठा सकते हैं। वही अन्य मार्ग पर भी नहीं जाना पड़ेगा। 25 किलोमीटर के दायरे में यह सारे पिकनिक स्थल मौजूद हैं। सब पिकनिक स्थल अपनी अलग-अलग पहचान रखते हैं चाहे भैरू बांध पर चलने वाली पानी की चादर हो या बूंदी व भीलवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित भडक्या माता मंदिर पर गिरने वाला पानी का झरना हो सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
शुरुआत नमाना से 6 किलोमीटर दूर स्थित कालाजी गोराजी के मंदिर से होती है। यहां पर वर्षों पुराना शिव मंदिर स्थित है। इसके बाद 7 किलोमीटर दूर भैरु बांध पर चलने वाली पानी की चादर हाडोती के मिनी गोवा के नाम से प्रसिद्ध बरधा बांध पर चलने वाली चादर से कम नहीं हैं। यहां पर पिकनिक मनाने के दौरान सैलानियों को खतरा भी ना के बराबर हैै भैरु बांध से 1 किलोमीटर दूर नलदेह शिव मंदिर स्थित है शिवलिंग पर प्राकृतिक तरीके से पहाड़ी में होकर पानी का झरना गिरता ह।ै यह दृश्य भी सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां पर स्थित हरियाली लोगों का मनमोह लेती है।
गरडदा गांव मेंं स्थित करीब 15 वर्ष पुराना शिव मंदिर है वहां पर घोड़ा पछाड़ नदी निकल रही है। उस नदी की चट्टानों पर निकल रहे पानी में सैलानी अठखेलियां करते हुए रहते हैं। इसी मार्ग पर भोपतपुरा से 4 किलोमीटर पहले बूंदी व भीलवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित भड़क्या माता के मंदिर पर चलने वाला झरना सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। वही यहां पर स्थित जंगल पर छाई हरियाली किसी पर्यटक स्थल से कम नहीं है। हालांकि यहां पर भीलवाड़ा व बूंदी के लोग पिकनिक मनाने के लिए पहुंचने लगे हैं पर यहां झरना स्थल पर जाने में खतरा अधिक रहता है। क्षतिग्रस्त सड़क पर्यटक स्थल पर पहुंचने में बनती है।
नमाना क्षेत्र में पर्यटक स्थल बहुत अधिक है लेकिन इन पर्यटक स्थलों पर पहुंचने के लिए सडक़ मार्ग की हालत अधिक खराब होने से कहीं पर्यटक तो यहां पिकनिक मनाने भी नहीं पहुंचते हैं। बूंदी से नमाना वाया बिजोलिया कहने को तो 29बी स्टेट हाईवे है। लेकिन इस मार्ग की हालत ग्रामीण सड़क मार्ग से भी अधिक खराब है। जिसके चलते बरसात के दिनों में गहरे गड्ढों में पानी भर जाता है। इस वजह से भी इस क्षेत्र में पर्यटक पर्यटक स्थलों पर पिकनिक मनाने नहीं पहुंचते जिसके चलते हैं ग्रामीणों को पर्यटक स्थलों पर संचालित व्यवसायकर्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।