खूब कराई मान मनुहार, फिर माने दहेलवाल महाराज-video
करवर. क्षेत्र के आंतरदा गांव में सोमवार को दहेलवालजी की देहरूपी सर्प की सवारी गाजे बाजे के साथ निकाली गई। देहरूपी सर्प की सवारी के श्रद्धालुओं ने घरों के बाहर से दर्शन किए।
दोपहर करीब दो बजे पंच पटेल तथा पूर्व राज परिवार के सदस्य समर प्रताप सिंह, मानवेंद्र सिंह के नेतृत्व में नियत स्थान तलवास रोड पर दडा के भैरूजी के समीप स्थित एक स्थान पर गाजे-बाजे के साथ चंहुर, ढोल, गद्दी, झालर, केवड़ा, बाजोट, झण्डी, छड़ी व अन्य पूजा के सामान लेकर पहुंचे। जहां दहेलवालजी देहरूपी सर्प के रूप में हिंगोटिया के पेड़ पर मिले।
पंच पटेलों ने पूजा व साथ चलने की खूब मान मनुहार की। यह दौर करीब डेढ़ घंटे तक चलता रहा। इस दौरान तेजाजी गायन मंडलियां अलगोजो व लोक वाद्ययंत्रों की धुनों पर तेजाजी गायन करती रही। श्रद्धालु जयकारे लगाते रहे। पूर्व राज परिवार के सदस्यों ने फूलों से पूजा कर साथ चलने की विनती की। इसके बाद देहरूपी सर्प भोपा प्रभूलाल कीर के साफे में आ गया। इसी के साथ ही महाराज के जयकारे गूंजने लगे।
भोपा व उनके सहयोगी साथी देहरूपी सर्प को लेकर सवारी के रूप में रवाना हुए। जो परकोटे बालाजी मार्ग होते हुए बड़ा दरवाजा होकर गढ़ चौक पहुंचे। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने दहेलवाल जी महाराज की पूजा अर्चना के साथ दर्शन किए। बाद में गढ़ के अंदर सलामी देकर अगवानी की। सवारी करवर रोड स्थित दहेलवाल जी के थानक पहुंची। जहां दहेलवाल जी की देह को एक वृक्ष पर छोड़ा गया।
शांत नजर आया देह रुपी सर्प
सवारी में वाइपर प्रजाति का सर्प शांत नजर आया। करीब सवा फिट लबा सर्प सवारी में भोपा व उनके सहयोगी के हाथों में घूमता रहा। इससे पहले ग्रामीणों ने थानक पर पूजा अर्चना की।