पांच सौ वर्ष पुराना चारभुजा का मंदिर है आस्था का केन्द्र-video
सुवासा. जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूरी पर स्थित देहित पंचायत के सेदड़ी गांव में चारभुजा का मंदिर स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना है। पांच सौ वर्ष पुराना यह मंदिर आसपास के गांव का आस्था का केंद्र है। 90 वर्षीय जगन्नाथ शर्मा ने बताया यह मंदिर केशवरायपाटन के केशव भगवान के मंदिर से समानता रखता है। मंदिर पर रोजाना सुबह शाम आरती होती है।
यह मंदिर एक बहुत बड़े चबूतरे के मजबूत आधार पर बना हुआ है। मंदिर में मध्यकाल की वास्तु कला की विशिष्ट शैली से बना हुआ है। दीवारों पर विस्तृत नक्काशी का काम किया गया है और विभिन्न देवी देवताओं की छविया उकेरी गई है। शिखर पर देवी-देवताओं, अप्सराओं,परियों, यक्षों और गंर्घव की छवियां उकेरी गई है। मंदिर के ऊपर कलश लगे हुए है। यह मंदिर गोलाकार पैटर्न बनाए गए हैं। मंदिर के चारों तरफ हाथी-घोड़े, देवी-देवताओं की तस्वीर उकेरी गई है।
पांच बीघा में है तालाब
मंदिर के पास ही प्राचीन बावड़ी है, जिसमें हमेशा 12 माह पानी भरा रहता है। उसी के पास 5 बीघा में प्राचीन तालाब है, जिसमें पक्षियों का हमेशा जमावडा लगा रहता है।