बांसी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर रात के समय नहीं कर्मचारी, एक घंटे तक तडपती रही प्रसूता-video
भण्डेड़ा. क्षेत्र के बांसी कस्बे में स्थित पीएचसी का दर्जा बढ़ाकर सीएचसी में क्रमोन्नत कर दी हो। पर यहां की व्यवस्थाओं को लेकर हाल-बेहाल है। इस क्रमोन्नत केन्द्र पर शनिवार रात्रि नौ बजे एक गर्भवती महिला प्रसव के लिए पहुंची, तो केन्द्र पर कर्मचारी नहीं मिले। प्रसूता व परिजन एक घंटे तक परेशान होते रहे व परिसर में ही गर्भवती महिला के प्रसव हो गया।
जानकारी के अनुसार कल्याणपुरा निवासी लेखराज भील अपनी पत्नी पिंकी भील को प्रसव पीडा होने पर निजी वाहन से बांसी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर रात्रि नौ बजे लेकर पहुंचा, तो मौके पर कर्मचारी नहीं मिला। गर्भवती महिला दर्द से कराहती रही। परिजनों को कर्मचारी के नहीं होने की जानकारी मिलने पर एक व्यक्ति दुगारी गांव पहुंचा व वहां से एएनएम को लेने के लिए तब तक प्रसुता के प्रसव परिसर में ही हो गया। मौके पर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। कुछ देर बाद चिकित्सक मौके पर पहुंचे व प्रसूता महिला को अन्दर कक्ष में ले जाया गया है।
ग्रामीणों ने जताया आक्रोश
यहां मौके पर महावीर कुशवाहा का कहना था कि रात्रि के समय कर्मचारी के नहीं होने से महिला को तड़पते नहीं देखा गया है। इस केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र क्रमोन्नत कर दिया, पर यहां पर उपस्वास्थ्य केन्द्र की तरह व्यवस्था हो रही है। यहां की व्यवस्था व समस्या को लेकर ग्रामीणों में भी काफी आक्रोश नजर आया है।
इधर दुगारी निवासी गोपीचंद बैरवा 35 वर्ष बांसी से दुगारी जाते समय पुरानी पंचायत भवन के पास गाय से टकराने से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के लिए बांसी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचे, तो कोई कर्मचारी नहीं होने से घायल को निजी वाहन से प्राथमिक उपचार के लिए कोटा ले जाया गया है।
इधर संबंधित विभाग के सीएमएचो का कहना है कि रात्रि के समय एएनएम रहती है। छुट्टी पर गई है, तो किसी से कहकर गई है। मामला मेरी जानकारी में होता तो मैं किसी को लगा देता जानकारी करते है।
डॉ.ओपी सामर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बूंदी