बूंदाबांदी व बरसात ने बढ़ाई किसानों की चिंता, भीगी फसलों को समेटने में लगे किसान-video
बूंदी. जिले में सोमवार को दिनभर धूप निकलने के बाद दोपहर साढ़े तीन बजे से बूंदी शहर में पौन घंटा झमाझम बारिश हुई। शहर की सड़कों पर पानी जमा हो गया। वहीं नागदी बाजार में पानी आने से कुछ देर के लिए शहर के भीतर का यातायात थम सा गया। शहर के सूर्यमल्ल मिश्रण चौराहा, सर्किट हाऊस, खोजागेट, लंका गेट, बहादूर सिंह सर्किल, लाइन पुलिस रोड, चित्तोड़ सहित कई छोटे बड़े चौराहों व तिराहों पर पानी भर जाने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुवासा कस्बे में भी पन्द्रह मिनट तेज बारिश होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। यहां मूंग व उड़द व मक्का की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
केशवरायपाटन. उपखंड में सोमवार को कहीं रिमझिम तो कहीं बूंदाबांदी होती रही। काली घटाओं के साथ हवा बंद रहने से उमस रही। सहकारी चीनी मिल चौराहे पर रिमझिम बारिश हुई, लेकिन शहर में बूंदाबांदी हुई।
हिण्डोली. कस्बे सहित आसपास में सोमवार शाम को रिमझिम बारिश हुई। बारिश से तेजाजी मेले में बाहर से दुकानदार कुछ देर के लिए प्रभावित हुए।
सुवासा. कस्बे में आधे घंटे तक तेज झमाझम बारिश से ग्रामीणों को गर्मी से राहत मिली। वहीं किसानों के चेहरे ङ्क्षचता की लकीरें देखी गई। किसान भगवान राठौर ने बताया अचानक हुई तेज बारिश से खेत में खड़ी मक्का, सोयाबीन, उड़द, मूंग की फसल को काफी नुकसान है।
नोताडा.कस्बे में सोमवार दोपहर को अचानक मौसम का मिजाज पलटा और बरसात शुरू हो गई। एक घंटे तक हुई तेज बरसात ने किसानों की ङ्क्षचता बढ़ा दी। किसानों ने बताया कि सोयाबीन की फसल की कटाई शुरू हो गई है, वही बरसात से मेला मैदान में कीचड़ होने से मेले की भी व्यवस्था गड़बड़ा गई ।
रामगंजबालाजी. क्षेत्र के गांवों में सोमवार दोपहर बाद अचानक बदले मौसम के मिजाज ने किसानों को भीगी फसलों को समेटने पर मजबूर कर दिया। जानकारीअनुसार क्षेत्र के कई गांवों में किसान वर्तमान में उड़द, मक्का,तिल्ली,व पूर्व में लगाए गए धान की कटाई करने में जुटे हुए थे, लेकिन अचानक बदलते मौसम के मिजाज के बाद में किसानों ने गीली धान की फसल को समेट कर थ्रेशर में निकालने का कार्य शुरू किया। किसानों ने बताया कि इस वर्ष पूर्व में बरसात नहीं होने से कुछ ही फसले ही हाथ लगने की उम्मीद थी,लेकिन अब मौसम का मिजाज बदलने के बाद में जो फसलें पैदा हुई है। वह पककर कटने लगी है,जो भी अब बर्बाद होने के कगार पर है।