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रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों को भा रही आबोहवा-video

वन्यजीवों को संरक्षण देने के प्रयासों का असर दिखाई देने लगा है। इसका प्रमाण जिले में वन्यजीवों का बढ़ता कुनबा भी है।

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pankaj joshi

Dec 06, 2023

रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों को भा रही आबोहवा-video
बूंदी. वन्यजीवों को संरक्षण देने के प्रयासों का असर दिखाई देने लगा है। इसका प्रमाण जिले में वन्यजीवों का बढ़ता कुनबा भी है। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व क्षेत्र फेराफेरी में वन्यजीवों को यहां की आबोहवा भा रही है। अभयारण्य में बाघ बघेरे के साथ ही दुर्लभ प्रजाति के एशियाटिक वाइल्ड केट भी नजर आ रहे है। वहीं सैकडों की संख्या में चीतल, नीलगाय, हिरण विचरण करते नजर आ रहे है।

बाघों को संरक्षण देने को लेकर इस अभयारण्य को जच्चाघर भी कहा जाता है। जानकारी अनुसार रामगढ़ विषधारी टाईगर रिर्जव का कुल क्षेत्रफल 150189.21 हेक्टेयर (1501.89 वर्ग किमी.) है, जिसमें कोर एरिया 48190.73 हेक्टेयर (481.90 वर्ग किमी.) का क्षेत्रफल एवं टाईगर रिजर्व का बफर क्षेत्र का क्षेत्रफल 101998.48 हेक्टेयर (1019.98 वर्ग किमी.) है। टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र रामगढ़ अभयारण्य एवं चम्बल घड़ियाल अभयारण्य का क्षेत्र शामिल है।

इन वृक्षों से आच्छादित है रामगढ़
वन क्षेत्र के अधिकांश जगह में धौक का जंगल विद्यमान है, जिसमें धौक के साथ-साथ खैर, रोश, सालर, पलाश, कदम्ब, कचनार, हिंगोट, मण्डेला, कुमठां, बेर, खेजडी आदि के वृक्ष पाए जाते है साथ ही विभिन्न प्रजातियों की घास जैसे धामण घास, दूब, कांस, खस, कारपेट आदि पाई जाती है।

यह वन्यजीव बढा रहे शोभा
रामगढ़ विषधारी टाईगर रिर्जव में 6 बाघ (1 नर, 2 मादा एवं 3 शावक) विचरण कर रहे हैं। इसके अलावा अनुमानित 25-30 बघेरे, 30 भालू एवं काफी संख्या में अनेक दुर्लभ प्रजातियों के वन्यजीव जैसे हाईना, जैकॉल, कब्बर बिज्जू, डेर्जट कैट, जंगल कैट, सीवेट, नेवला, सेही, सांभर, चीतल, नीलगाय, जंगली सुअर, खरगोश, पाईथन, कोबरा, रेट स्नेक, रसैल वाईपर, मोनिटर लिजार्ट आदि पाए जाते है । कुछ सालों पहले अभयारण्य में वन्यजीवों की संख्या काफी कम थी, वन्यजीव प्रेमियों के अनुसार वर्तमान हालात में वन्यजीवों की बढ़ोतरी शुभ संकेत माना जा रहा है।

पक्षी भी स्वच्छदंता से भर रहे उड़ान
रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में लगभग 150 से अधिक प्रजातियों के पक्षी पाए जाते है, जिनमें स्थानीय तथा प्रवासी पक्षी जैसे तीतर, बटेर, मोर, पेन्टर्ड स्परफाउल, होर्न बिल, इण्डियन रोलर, किंगफिशर, उल्लू, नाईट जार, टीटहरि, आईबिज, स्टॉर्क, रोबिन, बब्लर आदि पाये जाते है। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में वर्तमान में चीतल, साभर, नीलगाय,जंगली सूअर प्रे-बेस के रूप में विचरण कर रहे है।

रामगढ़ विषधारी टाईगर रिजर्व वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण से जोडऩे, जागरुकता पैदा करने तथा रोजगार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से कोर एवं बफर क्षेत्र में पर्यटन गतिविधि आंरभ करने के प्रस्ताव उच्च कार्यालय में भिजवाए गए थे, जिसमें बफर क्षेत्र में पर्यटन आरंभ के लिये 3 रूटों एवं जैत सागर में नौकायान के लिए राज्य सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। वर्तमान में बफर क्षेत्र टाइगर हिल पर पर्यटन गतिविधि चल रही है। शेष रहे क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां शीघ्र ही आरंभ की जाएगी।
संजीव शर्मा, रामगढ़ विषधारी टाईगर रिर्जव उपवन संरक्षक कोर, बूंदी

रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के जंगल बाघों के अनुकूल है और यहां पर्याप्त प्रे-बेस उपलब्ध है, जिसमें लगातार वृद्धि हो रही है। रिजर्व के कोर एरिया के साथ-साथ अब बफर क्षेत्र को भी विकसित करने का कार्य शुरू कर दिया है। टाइगर रिजर्व में बाघों सहित अन्य वन्यजीवों की संख्या बढऩे से जिले में इको टूरिज्म बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
पृथ्वी सिंह राजावत,पर्यावरणविद, बूंदी