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विकास की है दरकार, उपेक्षा का रहा शिकार-video

लाखेरी उपखण्ड के लबान कस्बे में सरकारी कार्यालय जैसे ग्राम पंचायत, पुलिस चौकी, कानूनगो सर्कल, पटवार हलका, तीन आंगनबाड़ी, आयुर्वेद चिकित्सालय, डाकघर, पशु चिकित्सालय, सहकारी गोदाम कार्यालय है।

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pankaj joshi

Nov 08, 2023

विकास की है दरकार, उपेक्षा का रहा शिकार-video
– आधा दर्जन अधिक सरकारी कार्यालय में भवन का अभाव
– लबान पंचायत का मामला
लबान. लाखेरी उपखण्ड के लबान कस्बे में सरकारी कार्यालय जैसे ग्राम पंचायत, पुलिस चौकी, कानूनगो सर्कल, पटवार हलका, तीन आंगनबाड़ी, आयुर्वेद चिकित्सालय, डाकघर, पशु चिकित्सालय, सहकारी गोदाम कार्यालय है। लेकिन जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के चलते इस सबको अभी तक भी स्थायी भवन नहीं मिल पाए है, जो भी जीर्णशीर्ण है।

कस्बे के पूर्व वार्ड पंच बुजुर्ग केदार लाल मीणा ने बताया कि यहां दशकों पुराना पटवार घर मरम्मत के अभाव में जीर्णशीर्ण होकर जर्जर हो गया है। इसलिए पटवारी कानूनगो भी मुख्यालय पर नहीं ठहरते।वहीं रामावतार मीना ने बताया कि कस्बे में सफाई व्यवस्था सही नहीं होने से सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर लगे है और गलियों में नालियों के अभाव में कीचड़ है।

रवि मीना का कहना है कि यहां डेढ़ दशक पूर्व ही शुरू हुई पुलिस चौकी व औषधालय, पशु चिकित्सालय को अब तक भवन नहीं मिला है। अजय मीना का कहना है कि बस स्टैंड पर छाया के लिए प्रतीक्षालय का निर्माण वर्षों से अधूरा पडा है और सहकारी गोदाम भी जीर्णशीर्ण हो रहा है। राजेन्द्र मीना ने बताया कि कस्बे में राजकीय सीनियर स्कूल में कक्षा कक्षों की कमी है। वकील कमल मीणा ने बताया कि यहां बैंक ऑफ बड़ौदा का भवन भी नाकाफी साबित ही रहा है और बरसात में टपकता है।

धरोहर को संरक्षण की दरकरार
गांव नन्दकिशोर मीणा व सुखदेव स्वामी ने बताया कि कस्बे में बाबा छप्पनजी की ऐतिहासिक बावड़ी व माताजी की तलाई को संरक्षण की दरकार है। उपेक्षा के चलते अपना स्वरूप खोते जा रहे है। वहीं चारभुजा नाथ के मंदिर व चौथमाता मन्दिर का भी विकास व संरक्षण होना चाहिए। सरपंच बुद्धि प्रकाश मीणा ने बताया कि कस्बे में सिंचाई विभाग की करीब 12 बीघा जमीन मेगा हाइवे किनारे स्थित है। जहां पहले सीएडी के सहायक अभियंता स्तर के अधिकारी बैठते थे, अब वह खाली पड़ी है, लेकिन उस जमीन पर विभाग द्वारा अनापत्ति नहीं मिलने से भवनों का निर्माण नहीं हो पा रहा है।