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राम सागर झील में शुरू की सिंघाड़ा की फसल

सागर झील में लंबे समय बाद कहार समाज द्वारा सिंघाड़े की खेती करने के साथ ही यहां पर नावें भेलियां बनाने में व्यस्त हो गए हैं। कस्बे में कारपेंटर दुकानों पर भेलियां बनाने में लगे हुए हैं।

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बूंदी

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pankaj joshi

Sep 10, 2020

राम सागर झील में शुरू की सिंघाड़ा की फसल

राम सागर झील में शुरू की सिंघाड़ा की फसल

राम सागर झील में शुरू की सिंघाड़ा की फसल
हिण्डोली. सागर झील में लंबे समय बाद कहार समाज द्वारा सिंघाड़े की खेती करने के साथ ही यहां पर नावें भेलियां बनाने में व्यस्त हो गए हैं। कस्बे में कारपेंटर दुकानों पर भेलियां बनाने में लगे हुए हैं।
इस बार रामसागर झील में मत्स्य ठेका नहीं होने से कहार समाज द्वारा झील में सिंघाड़े की खेती शुरू कर दी। फसल तैयार होने लगी है। कहार समाज के लोगों ने बताया कि सर्दी के मौसम में सिंघाड़ा तैयार होने पर उन्हें तोडऩे के लिए नावें भेलियों की आवश्यकता पड़ती हैं। यहां पर करीब पांच दर्जन से अधिक भेलियां तैयार की जा रही हैं।
लंबे समय बाद बना रहे हैं नावें
कारपेंटर सत्यनारायण खाती व ओमप्रकाश खाती ने बताया कि एक नाव बनाने का काम लंबे समय बाद मिला है। एक नाव तैयार करने में 10 दिन तक लग जाते हैं एवं पांच से सात हजार तक का खर्च आता है।
सिंघाड़े की फसल नाव में ही तोड़ी जाती हैं। इस कारण जिन किसानों ने झील में सिंघाड़े की फसल की है। उन्हें नावें बनाना आवश्यक हो गया है। यहां पर करीब चार से पांच दर्जन किसानों ने नावें तैयार करवाई हैं ।
रामदेव कहार पूर्व वार्ड पंच