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रावण के कुनबे का अंत देखने उमड़े लोग, 90 सैकण्ड में हुआ बुराई का अंत

असत्य, अहंकार व बुराई के प्रतीक च्रावणज् का मंगलवार को एक बार फिर अंत हुआ।आतिशी नजारे व लोगों का उल्लास चरम पर था। अन्याय की हार व सत्य की जीत को देखने के लिए रात को शहर के कुंभा

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रावण के कुनबे का अंत देखने उमड़े लोग, 90 सैकण्ड में हुआ बुराई का अंत

रावण के कुनबे का अंत देखने उमड़े लोग, 90 सैकण्ड में हुआ बुराई का अंत

बूंदी. असत्य, अहंकार व बुराई के प्रतीक च्रावणज् का मंगलवार को एक बार फिर अंत हुआ।आतिशी नजारे व लोगों का उल्लास चरम पर था। अन्याय की हार व सत्य की जीत को देखने के लिए रात को शहर के कुंभा स्टेडियम में सैंकड़ों लोगों की भीड़ मौजूद रही। इस दौरान मेघनाद, कुंभकरण व रावण के पुतलों का दहन किया गया। सबसे पहले कुंभकरण राख हुआ। इसके बाद मेघनाद जलाया। अंत मेें रावण जला।तीनों पुतलों को जलने में मात्र 90 सैकण्ड का वक्त लगा।
इससे पहले राम-रावण का युद्ध हुआ। रावण के पुतले ने जलने से पहले तलवार चलाई, आंख की पुतली हिलाई और गर्दन घुमाई। लोग इस नजारे को देखने के लिए देर शाम से ही स्टेडियम पहुंच रहे थे। रावण दहन से पहले आतिशबाजी की गई। आतिशी नजारों को देखकर हर कोई रोमांचित हो उठा।

श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में...
श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में, दुनिया चले न श्रीराम के बिना सरीखे भजनों के साथ मंगलवार शाम को शहर के बालचंदपाड़ा से भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें भगवान राम व रावण के कुनबे की अलग झांकियां सहित ऊंट, घोड़े शामिल थे। शोभायात्रा प्रमुख मार्गों से होते हुए कुंभा स्टेडियम पहुंची। रास्ते में शोभायात्रा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बाजारों में लोग छतों पर अटे हुए थे।

यह रहे अतिथि
मुख्य अतिथि विधायक अशोक डोगरा, विशिष्ट अतिथि अमर सिंह पाटोदा एवं करपाली सिंह व सभापति महावीर मोदी ने श्रीराम को शस्त्र भेंट किए। इसके बाद राम और रावण के बीच युद्ध हुआ, बाद में आकाशीय आतिशबाजी के बीच रावण के कुनबे का दहन किया गया। दशहरा संयोजक विश्वनाथ शृंगी, सहसंयोजक रोहित बैरागी ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन एडवोकेट राजकुमार दाधीच ने किया।