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राहत की बजाय पीड़ा दे रहा ड्रेनेज सिस्टम,सड़ांध से परेशान आमजन

नैनवां. एक जलाशय से दूसरे जलाशय को मिलाने वाला रियासतकालीन ड्रेनेज सिस्टम (पक्की खाइयों) में कस्बे की नालियों का पानी भरता जा रहा है।

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बूंदी

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pankaj joshi

Jan 12, 2020

राहत की बजाय पीड़ा दे रहा ड्रेनेज सिस्टम,सड़ांध से परेशान आमजन

राहत की बजाय पीड़ा दे रहा ड्रेनेज सिस्टम,सड़ांध से परेशान आमजन

नैनवां. एक जलाशय से दूसरे जलाशय को मिलाने वाला रियासतकालीन ड्रेनेज सिस्टम (पक्की खाइयों) में कस्बे की नालियों का पानी भरता जा रहा है। निकासी की व्यवस्था नहीं होने से कस्बे के तीनों तालाब नवलसागर, कनकसागर एवं रायसागर को मिलाने वाली रियासतकालीन पक्की खाइयां गंदे पानी से अटी पड़ी है। सड़ांध के मारे लोगों का जीना दूभर हो रहा है। सदियों पूर्व बना ड्रेनेज सिस्टम आज भी वैसा ही है। जिनको इनकी सफाई का ध्यान रखना था उन्होंने ही इस सिस्टम को गंदे नालों से जोड़ दिया।
ऐसे बना हुआ है ड्रेनेज सिस्टम
कनकसागर तालाब के पानी को नवलसागर तालाब में डालने के लिए टोडापोल से चौथमाता तक, नवलसागर को रायसागर से जोडऩे के लिए खानापोल से देईपोल तक तथा कनककागर का पानी रायसागर में डालने के लिए लिए गढ़पोल तक खाइयां बनी हुई है। नवलसागर व कनकसागर से होने वाले सीपेज का पानी इन खाइयों के माध्यम से वापस तालाबों में पहुंचता रहता था। जिससे सीपेज के पानी की छीजत भी नही हो पाती थी। सफाई नही होने से यह वरदान लोगों के लिए अभिशाप बन गया।

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