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संगावदा गांव बना रहा छावनी, पुलिस पहरे में निकली दलित शिक्षक की घोड़ी पर बिंदोरी

जिले के सदर थाना क्षेत्र की लालपुरा ग्राम पंचायत के संगावदा गांव में सोमवार को दलित दूल्हे की घोड़ी पर बिंदोरी पुलिस पहरे में निकाली गई।

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बूंदी

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pankaj joshi

Feb 04, 2020

संगावदा गांव बना रहा छावनी, पुलिस पहरे में निकली दलित शिक्षक की घोड़ी पर बिंदोरी

संगावदा गांव बना रहा छावनी, पुलिस पहरे में निकली दलित शिक्षक की घोड़ी पर बिंदोरी

संगावदा गांव बना रहा छावनी, पुलिस पहरे में निकली दलित शिक्षक की घोड़ी पर बिंदोरी
-गांव के बीच से बिंदोरी निकलने पर हमले की जताई थी आशंका
बूंदी. जिले के सदर थाना क्षेत्र की लालपुरा ग्राम पंचायत के संगावदा गांव में सोमवार को दलित दूल्हे की घोड़ी पर बिंदोरी पुलिस पहरे में निकाली गई। बिंदोरी पर हमले की आशंका के चलते पूरा गांव छावनी बना रहा। पांच थाने, लाइन से करीब डेढ़ सौ पुलिसकर्मी और पुलिस उपअधीक्षक की मौजूदगी में बिंदोरी निकली। हालांकि इस दौरान गांव में कहीं कोई विरोध नहीं दिखा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को शिक्षक परसराम मेघवाल की घोड़ी पर बिंदोरी निकालने का कार्यक्रम था। शिक्षक और उसके परिवार ने जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग रखी। उन्हें आशंका थी कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोग दूल्हे की घोड़ी पर बैठकर बिंदोरी नहीं निकलने देंगे। करीब डेढ़ वर्ष पहले भी इसी प्रकार एक पुलिस कांस्टेबल बनवारीलाल की बिंदोरी पुलिस पहरे में निकाली थी। तब ग्रामीणों ने गांव के भीतर से कांस्टेबल की घोड़ी पर बैठकर बिंदोरी का विरोध कर दिया था। शिक्षक की मांग पर सोमवार को गांव में बिंदोरी निकालने से पहले भारी मात्रा में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। इसी सुरक्षा के बीच शिक्षक परसराम की बिंदोरी बिना किसी रुकावट के नाचते गाते निकाली गई। गांव में बूंदी तहसीलदार भारत सिंह, हिण्डोली पुलिस उपअधीक्षक श्याम सुन्दर बिश्नोई के साथ जाब्ता तैनात रहा।
तब कांस्टेबल ने रखी थी मांग
करीब डेढ़ वर्ष पहले इसी गांव के पुलिस कांस्टेबल बनवारीलाल ने भी पुलिस सुरक्षा की मांग रखी थी। गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने बिंदोरी निकालने की बात पर ऐतराज किया था। तब भी बड़ी संख्या में पुलिस तैनात करनी पड़ी थी।
दूल्हे को घोड़ी पर पुलिस ने बैठाया
शिक्षक परसराम को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस ने घोड़ी पर बैठाया। बाद में बिंदोरी निकाली गई। इस दौरान बिंदोरी में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन शामिल हुए। गांव गुर्जर बाहुल्य बताया। यहां शिक्षक के परिजनों ने घोड़ी पर बैठने पर मारपीट और अवरोध पैदा करने की आशंका जाहिर की थी।
नहीं निकालने देते बिंदोरी
दलित समाज के लोगों ने बताया कि गांव में उनके बच्चों को घोड़ी पर बैठाकर बिंदोरी नहीं निकालने देते। उन्हें गांव में बिंदोरी निकालने से रोका जाता है। अब सब पढ़ लिख गए, सभी को बराबरी का अधिकार है। कोई रुकावट नहीं आए इसीलिए पुलिस की मदद लेनी पड़ी है।
ग्रामीण बोले : बिना कारण बदनामी ठीक नहीं
संगावदा में रहने वाले गुर्जर समाज के लोगों ने कहा कि बिना कारण शिकायत नहीं होनी चाहिए, इससे गांव बदनाम होगा। इसका असर सभी की छवि पर आएगा। यदि किसी ने बिंदोरी निकालने से रोका तो उसके खिलाफ थाने में नामजद प्रकरण दर्ज कराया जाना चाहिए। यों शिकायतों से पूरा गांव संदेह के घेरे में आ गया।
-संगावदा गांव में दलित शिक्षक की बिंदोरी बिना किसी रुकावट के निकाली गई। इस दौरान गांव में कहीं कोई विरोध नहीं दिखा।
भारत सिंह, तहसीलदार, बूंदी