
तरबूज बेच गुजारा कर रहा गाडिय़ा लुहार परिवार
तरबूज बेच गुजारा कर रहा गाडिय़ा लुहार परिवार
लाखेरी. लॉकडाउन से ठप हुए कामधंधों ने कई परिवारों के काम धंधे बदल दिए हैं। कुल्हाड़ी, कुदाली बनाने वाला गाडिय़ा लुहार परिवार तरबूज बेच कर गुजारा कर रहा है। जानकारी के अनुसार कस्बे के चुंगीनाके पर राधेश्याम व उसकी पत्नी तौलाबाई गाडिय़ा लुहार परिवार से है। मार्च माह में लॉकडाउन में औजार दुरुस्त करने के काम आने वाली भट्टी बंद सी हो गई। परिवार को मामूली सी सहायता मिली। 6 सदस्यों के परिवार का उससे गुजारा काफी मुश्किल हुआ। मजबूरन पति पत्नी ने तरबूज बेच कर जीवन यापन शुरू कर दिया।
तौलाबाई ने बताया कि तरबूज बेचने से रोज सौ पचास रुपए की कमाई हो जाती है। आगे मकान निर्माण के काम चलेंगे तो औजार की धार बनाने का काम चलेगा। इसी उम्मीद में तरबूज बेचने का धंधा कर समय पास कर रहे हैं।
बेजुबान पक्षियों के लिए बांधे परिंडे
केशवरायपाटन. कोटा दौसा मेगा स्टेट हाइवे पर अरनेठा गांव से आगे सडक़ के किनारे खड़े जर्जर हो चुके सफेदे के पेड़ गिरने लग गए हैं। यह पेड़ पुराने होने से नीचे से खोखले हो चुके हैं जो जरा सी हवा के चलते ही धराशायी हो रहे हैं। अरनेठा के पास रविवार को पेड़ गिरने से बड़ा हादसा टल गया। पेड़ गिरने के बाद दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से पेड़ हटा कर रास्ता बहाल करवाया।
रक्तदान करने से आत्मिक खुशी मिली
बूंदी. शादी की सालगिरह पर रविवार को प्रीति सिंह ने पति राजेन्द्र सिंह के साथ पहुंचकर बूंदी जिला ब्लडबैंक में स्वैच्छिक रक्तदान किया। उन्हें यह प्रेरणा शिक्षक संजय खान से मिली। दम्पती ने कहा कि रक्तदान करने से आत्मिक खुशी मिली। इस दौरान हेल्प इन रिस्क संस्थान के शकील खान, डॉ ऋषि कछावा, गुरप्रीत सिंह, जाकिर भाई, शरीफ खान आदि ने हौसला बढ़ाया।
Published on:
18 May 2020 07:27 pm
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