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11 माह से सऊदी अरब में बंधक बनाकर रखी भारतीय मूल की रीना

सऊदी अरब में गैर कानूनी तरीके से भारतीय मूल की विवाहिता को बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया। हालांकि मामला उजागर होने के बाद अब तक किए गए प्रयासों से बंधक बनाकर रखी गई मध्यप्रदेश के हरदा निवासी रीना गहलोद की 5 जनवरी को भारत वापसी की उम्मीद बंध गई।

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बूंदी

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pankaj joshi

Dec 19, 2020

11 माह से सऊदी अरब में बंधक बनाकर रखी भारतीय मूल की रीना

11 माह से सऊदी अरब में बंधक बनाकर रखी भारतीय मूल की रीना

11 माह से सऊदी अरब में बंधक बनाकर रखी भारतीय मूल की रीना
5 जनवरी को भारत वापसी की बंधी उम्मीद
राजस्थान के कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा की मेहनत से हुआ संभव
बूंदी. सऊदी अरब में गैर कानूनी तरीके से भारतीय मूल की विवाहिता को बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया। हालांकि मामला उजागर होने के बाद अब तक किए गए प्रयासों से बंधक बनाकर रखी गई मध्यप्रदेश के हरदा निवासी रीना गहलोद की 5 जनवरी को भारत वापसी की उम्मीद बंध गई। उसे एक वर्ष से बंधक बनाकर रखा हुआ था। विदेशों में संकटग्रस्त भारतीयों की सहायता के लिए कार्य कर रहे बूंदी के कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा, रीना की भारत वापसी के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। शर्मा ने गुरुवार को सऊदी भारतीय दूतावास से मिली अधिकृत सूचना के आधार पर बताया कि 5 जनवरी को सऊदी अरब से रीना की भारत वापसी होगी।
अरबी में लिख दिए गलत बयान
विदेश मंत्रालय में शिकायत के बाद रीना के कथित मालिक उसे सऊदी अरब के लैबर कार्यालय में ले गए और वहां मिलीभगत कर रीना की ओर से गलत बयान दर्ज करा दिए। रीना ने बयानों के दस्तावेज अरबी भाषा में होने से समझे नहीं और हस्ताक्षर कर दिए। बाद में रीना ने दस्तावेज सोशल मीडिया के जरिए चर्मेश शर्मा को भेजे। जिसका यहां अरबी से हिंदी अनुवाद के लिए स्थानीय मौलाना से संपर्क किया, लेकिन साहित्य अरबी भाषा में दस्तावेज होने से कोई समझ नहीं पाया। उसके बाद आरिफ मोहम्मद नागोरी व नई दिल्ली में अरबी भाषा का अध्ययन कर रही उनकी बेटी को यह दस्तावेज भेजा। तब उन्होंने बरेली के अरबी भाषा के विशेषज्ञ की मदद ली और अनुवाद कराया। इससे सऊदी अरब के अधिकारियों व रीना के कथित मालिक का षड्यंत्र पता चला। इस बात से भारतीय दूतावास को अवगत करवाया गया, जिससे रीना के सरकारी कार्यालय में फिर बयान हुए।
कई भारतीयों की वापसी करवा चुके
कांग्रेस नेता शर्मा अपने प्रयासों से विदेश में फंसे कई भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी करवा चुके। एक वर्ष पहले उन्होंने अभियान चलाकर इराक में बंधक बनाकर रखे गए 29 भारतीय मजदूरों को मुक्त करवाया था। पाकिस्तान की कराची जेल से जुगराज भील की भी सुरक्षित वापसी करवाई थी। इस वर्ष लॉकडाउन में जब कुवैत में शाकाहारी भोजन न मिलने से जैन परिवार के दो सौ से अधिक लोगों के भूखे रहने का पता चला तो उनकी भी मदद की।
आर्थिक स्थिति से परेशान थी, इसलिए गई
मध्यप्रदेश के हरदा जिले के निवासी रीना अपने परिवार की आर्थिक स्थिति से परेशान थी। चार बच्चों के परिवार का अच्छी तरह भरण पोषण करने के लिए वह एक एजेंट के जाल में फंसकर सऊदी अरब पहुंच गई। वहां जाकर रीना को पता चला कि वह गुलामी के जाल में फंस चुकी। मद्रास में रहने वाले एजेंट ने जो वेतन बताया था वहां उससे आधा भी नहीं दिया। उसे 11 महीने में घर से बाहर नहीं जाने दिया। 17 नवम्बर को बूंदी के चिकित्सक मधुसूदन शर्मा व उनकी पत्नी डॉ गायत्री शर्मा ने टीवी पर रीना गहलोद की पीड़ा देख और चर्मेश को इसकी जानकारी दी। तब से उसे सकुशल भारत लाने के प्रयास चल रहे।
विदेश मंत्रालय व दूतावास के माध्यम से निकला रास्ता
19 नवम्बर को शर्मा ने विदेश मंत्रालय में रीना के बारे में संपर्क कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई। विदेश मंत्री एस जयशंकर के नाम पत्र मेल से भेजा। तब भारत सरकार के उच्च स्तरीय प्रयास से सऊदी अरब सरकार पर दबाव बनाया। विवाहिता की शीघ्र भारत वापसी की मांग उठाई।