
ऐसे तो कैसे सहेज पाएंगे जलस्रोत, अतिक्रमियों पर नहीं होती कार्रवाई
ऐसे तो कैसे सहेज पाएंगे जलस्रोत, अतिक्रमियों पर नहीं होती कार्रवाई
मॉडल तालाब में हो विकसित
अतिक्रमी तालाब में मिट्टी डालकर कर रहे अतिक्रमण
नोताड़ा. कस्बे के देईखेड़ा जाने वाली सडक़ व गांव के समीप में स्थित भैरू सागर तालब पर अतिक्रमण करने वालों की होड़ मची हुई है, लेकिन अतिक्रमियों पर कोई कार्रवाई नहीं होने से इनके हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। साथ ही पारम्परिक जलस्रोत का आकार सिकुड़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर ग्राम पंचायत द्वारा हर बार तालाब के किनारे लगी रेवडिय़ां व कचरे के ढेरों को जेसीबी से हटवाकर फिंकवा दिया जाता है, लेकिन कचरा डालने वाले मानने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब तो तालाब के किनारे कचरा डालने के साथ यहां पर लोगों ने तालाब में मिट्टी डालकर अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है। यहां मिट्टी भरकर बाड़े बना लिए हैं। जिसमें जानवरों को बांध रहे हैं और खरेडिय़ां बनाकर भूसा भरा जा रहा है। वहीं किसी ने पत्थर डाल कर, तो किसी ने कण्डे थेपकर अतिक्रमण कर रखा है।
भराव क्षमता भी घट रही
कस्बे के इस तालाब के किनारे पंचायत की मोटर लगी हुई है, जो दिनरात चलती है। इस वजह से यह तालाब हमेशा पानी से भरा रहता है। इसमें एक कोने पर ड्रम रखा हुआ है। अधिक पानी होने पर उसमें से निकल कर ड्रेन में चला जाता है। तालाब में अतिक्रमण की मिट्टी जाने से गहराई घटती जा रही हैं।
मॉडल तालाब के रूप में है विकसित
ग्रामीण रामसिंह चौधरी, मुकेश बोहरा, मनोज साहू, वार्ड पंच नरेश सेन, बनवारी सेन आदि ने बताया कि यह तालाब गांव के समीप स्थित है और देईखेड़ा, रघुनाथपुरा, खेडीया दुर्जन, लक्ष्मीपुरा की ओर से आने वाले रास्ते यहां आकर मिलते हैं। ऐसे में मॉडल तालाब बनाकर इसका सौन्दर्यकरण हो जाता है तो यह विकसित हो सकता है।
पहले भी जेसीबी लगाकर रेवडिय़ा कचरे के ढेर हटाए जा चुके हैं, लेकिन लोग फिर वापस कचरा डाल रहे हैं। अतिक्रमियों से भी एक बार नोटिस भिजवाकर अतिक्रमण हटाने की समझाइश करेंगे। जिसके बावजूद भी नहीं मानते हैं तो अग्रिम कार्रवाई करेंगे।
रामदेव पहाडिय़ा, सरपंच ग्राम पंचायत नोताडा धरावन
Published on:
14 Jul 2021 11:08 pm
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