5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब नहीं आते भेड़ों के बालों के खरीदार, भेड़ पालकों पर मंडराया संकट

ग्रामीण इलाकों में भेड़ पालन कर जीवन यापन करने वाले परिवारों पर अब संकट आ गया।

less than 1 minute read
Google source verification

बूंदी

image

pankaj joshi

Sep 25, 2019

अब नहीं आते भेड़ों के बालों के खरीदार, भेड़ पालकों पर मंडराया संकट

अब नहीं आते भेड़ों के बालों के खरीदार, भेड़ पालकों पर मंडराया संकट

अब नहीं आते भेड़ों के बालों के खरीदार, भेड़ पालकों पर मंडराया संकट
कई भेड़ पालकों ने बदला अपना व्यवसाय
जजावर. क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में भेड़ पालन कर जीवन यापन करने वाले परिवारों पर अब संकट आ गया। इन चरवाहों की माने तो अब भेड़ों के बाल नहीं बिकते। ऐसे में परिवार को पालना मुश्किल हो गया।
जजावर निवासी भरतलाल गुर्जर ने बताया कि पहले भेड़ों के बाल की मांग थी और 25 रुपए प्रति किलो तक के भाव मिलते थे। अब इनके खरीदार पांच रुपए किलो में भी नहीं आते। कुम्हरला बालाजी निवासी शंकरलाल गुर्जर ने बताया कि पहले केकड़ी से भेड़ के बाल की खरीदारी करने वाले व्यापारी आते थे। इससे कई परिवारों को रोजगार चल रहा था, लेकिन बीते कुछ वर्षों में यह धंधा मंदा हो गया। अब क्षेत्र में भेड़ों के बाल खरीदने कोई नहीं आता। अधिकतर भेड़ पालकों ने तो अब अपना व्यवसाय भी बदल लिया।