
कॉलेज सरकारी कर दिया, अभी तक प्रबंधन व शिक्षक कार्य निजी हाथों में
-बीएजेएम महाविद्यालय
नैनवां. भगवान आदिनाथ जयराज मारवाड़ा महाविद्यालय को राजकीय तो कर दिया लेकिन अभी तक प्रबंधन व शिक्षक कार्य निजी हाथों में चल रहा है। महाविद्यालय में अभी तक न सरकारी प्राचार्य नियुक्त किया और न ही व्याख्याता। महाविद्यालय में इतिहास, भूगोल, राजनितिक शास्त्र, चित्रकला, समाज शास्त्र, हिन्दी साहित्य, अंग्रेजी साहित्य व लोक प्रशासन विषय संचालित है। इन विषयों के लिए महाविद्यालय में 651 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें प्रथम वर्ष में 322, द्वितीय वर्ष में 190 व तृतीय वर्ष मेें 139 विद्यार्थी हैं। सरकार की तरफ से स्टाफ नियुक्त नहीं करने से स्ववित्तपोषी व्यवस्था के तहत लगा रखा स्टाफ ही शिक्षण कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दस जुलाई को पेश किए राज्य के बजट में नैनवां सहित आठ स्ववितपोषी व निजी कॉलेजों को सरकारी कॉलेज घोषित किया था। महाविद्यालय के लिए सम्पूर्ण सुविधायुक्त भवन है। कॉलेज के लिए जितने भवन की आवश्यकता होती है उससे दो गुणा आकार का भवन बना हुआ है। पांच बीघा परिसर में बने भवन में 12 कक्षा कक्षों का निर्माण हो रहा है। प्रयोग शाला व पुस्तकालय भवन है। पांच कमरों व दो स्टोर का प्रशासनिक ब्लॉक बना हुआ है। छात्रसंघ परिषद का अलग कार्यालय बना हुआ है। लगभग अस्सी बीघा का खेल मैदान है। जिसकी तीस लाख की लागत से पक्की चारदीवारी बनी हुई है। पानी के लिए उच्च जलाशय का निर्माण हो रहा है। स्ववित्तपोषी व्यवस्था के तहत लगा रखे प्राचार्य पंकज गुप्ता ने बताया कि कॉलेज को सरकारी करने की घोषणा तो हो गई, लेकिन महाविद्यालय में अभी तक सरकार की तरफ से प्राचार्य और अन्य कोई स्टाफ नियुक्त नहीं करने से सरकार के प्रतिनिधि के रूप में उपखंड अधिकारी से एडवाइज लेकर काम चलाऊ व्यवस्था ही चल रही है।
Published on:
24 Aug 2019 01:24 pm
बड़ी खबरें
View Allबूंदी
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
