
Education news : सरकारी स्कूलों के वॉलंटियर्स करेंगे सहज शिक्षा का वातावरण निर्माण
Education news : सरकारी स्कूलों के वॉलंटियर्स करेंगे सहज शिक्षा का वातावरण निर्माण
सामुदायिक वॉलंटियर्स करेंगे शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग, बच्चों की शिक्षा का रखेंगे विशेष ध्यान
शिक्षा विभाग का नवाचार, पहली बार बूंदी जिले में होगी गतिविधियां
बूंदी. शिक्षकों और अभिभावकों के साथ मिलकर सेतु के रूप में बच्चों की शिक्षा निरंतर रखने में सहयोग करने में सामुदायिक वॉलंटियर्स अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जी हां! जिले की सभी सरकारी स्कूल में अब वॉलंटियर्स तैनात होंगे। जो बालक-बालिकाओं में सहज वातावरण का निर्माण कराने में शिक्षकों का सहयोग करेंगे। शिक्षा विभाग ने पहली बार यह नवाचार किया। इसके लिए बजट भी जारी हो गया।
वॉलंटियर्स युवा, बुजुर्ग या सेवानिवृत्त व्यक्ति बन सकेगा। इनका चिह्निकरण कर शाला दर्पण पर अपलोड किया जाएगा। विभाग का इसके पीछे उद्देश्य बालक-बालिकाओं में अध्ययन से संबंधित किसी भी तरह की परेशानी या उनके आत्मविश्वास में कमी ना आ पाए। यही नहीं विभाग की ओर से तैयार किए गए मॉड्यूल के आधार पर चिह्नित किए गए प्रेरकों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस एवं गांधी जयंती पर इनको सम्मानित भी किया जाएगा।
प्रशिक्षण की कार्ययोजना तैयार
संस्था प्रधान जिला परियोजना व सीबीइओ कार्यालय के अधिकारियों के निर्देश पर प्रशिक्षण की कार्ययोजना तैयार करेगा। वॉलंटियर्स को एक दिवसीय प्रशिक्षण के लिए प्रति विद्यालय 540 रुपये राशि दी जाएगी। प्रदेश के 67 हजार 359 स्कूलों में इसके लिए 3 करोड़ 67 लाख 738 रुपये का बजट जारी हुआ। इसमें बूंदी जिले के 1239 विद्यालयों को 6 लाख 691 रुपये का बजट मिलेगा।
घर बैठे बच्चों को करेंगे सहयोग
कोरोना काल में स्कूल बंद होने के चलते ऑनलाइन शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम शुरू किए गए। जिसके माध्यम से घर बैठे बच्चों ने अध्ययन किया। अभिभावकों की समस्या रही कि कैसे बच्चों की नियमित शिक्षा वापस से संचालित हो। ऐसे में सरकार ने अब इस व्यवस्था को देखते हुए स्कूलों में वॉलंटियर्स लगाने का मन बनाया। विभागीय अधिकारियों की माने तो वॉलंटियर्स एक ऐसा वर्ग होगा जो बच्चों के सर्वांगीण विकास में अपना अमूल्य योगदान देगा। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सामुदायिक वॉलंटियर्स एक ऐसा समूह तैयार होगा जो बच्चों को इस महामारी के दौरान शिक्षण कार्य में सहयोग प्रदान करेगा।
वॉलंटियर्स को बनाया जाएगा मजबूत
वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही सकारात्मक व्यवहार, जेंडर, बाल संरक्षण विषयों पर प्रशिक्षित कर मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही करियर मार्गदर्शन, अभिभावकों के साथ जुड़ाव, शिक्षा की निरंतरता, एसएमसी/ एसडीएमसी के साथ बातचीत, बालक-बालिकाओं की गृह कार्य की छोटी-छोटी समस्या को शिक्षक तक पहुंचाने जैसे विषयों पर संवाद शुरू करने के पहलुओं पर उन्मुख किया जाएगा।
यह हैं उद्देश्य
शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ मिलकर गांव, विद्यालय में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन
गांव व विद्यालय स्तर पर वॉलंटियर्स शिक्षकों और माता-पिता के साथ मिलकर सेतु के रूप में बच्चों की शिक्षा निरंतर रखने में सहयोग करेंगे, सहज वातावरण का निर्माण करेंगे
बच्चों का विद्यालय के प्रति आकर्षण बनाये रखने में शिक्षकों को सहयोग करेंगे और विद्यालय खुलने के बाद भेदभाव व भय रहित शिक्षा का माहौल स्थापित करेंगे
जिले के सरकारी स्कूलों में पहली बार नवाचार करते हुए वालंटियर्स लगाए जाएंगे, जिनका कार्य शिक्षकों और अभिभावकों के बीच सेतु का कार्य करना होगा। इनको प्रशिक्षित किया जाएगा। वालंटियर्स के एक दिवसीय प्रशिक्षण के लिए प्रति विद्यालय 540 रुपये की राशि निर्धारित कर दी गई। समुदाय के युवा और बुजुर्ग व्यक्तियों, किसी भी सेवा से सेवानिवृत्त व्यक्तियों आदि को वालंटियर्स के रूप में शामिल किया जाएगा।
हनुमान प्रसाद राठौर, कार्यक्रम अधिकारी, समग्र शिक्षा, बूंदी
वर्तमान में शिक्षा के क्षेत्र में नवा चारों को बढ़ावा देने के लिए समुदाय के साथ विद्यालयों का समन्वय स्थापित करने के लिए समुदाय के युवा एवं बुजुर्ग सेवानिवृत्त कर्मचारियों शिक्षाविदों को विद्यालयों की गतिविधि से जोड़ते हुए शिक्षकों छात्रों एवं अभिभावकों को प्रेरित करने के लिए शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए कार्य करने की एक पहल राज्य सरकार द्वारा की गई है। इसके तहत गांव में एवं शहरों में वॉलिंटियर्स तैयार किए जाएंगे जो ऑनलाइन शिक्षा के माध्यमों के अधिकाधिक उपयोग के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
राजेंद्र भारद्वाज, कार्यक्रम अधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान, बूंदी
Published on:
06 Jan 2022 07:45 pm
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