24 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bundi : आखिर कब मिलेगी उपखण्ड के गांवों को परिवहन सेवा

उपखंड की आधी से अधिक आबादी अभी तक यातायात साधनों से वंचित हैं। लोगों को लम्बी दूरी यात्रा कर जीपों से यात्रा कर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है।

2 min read
Google source verification

बूंदी

image

pankaj joshi

Mar 24, 2026

Bundi : आखिर कब मिलेगी उपखण्ड के गांवों को परिवहन सेवा

केशवरायपाटन. शहर से बूंदी मुख्यालय जाने वाली एक रोडवेज बस।

केशवरायपाटन. उपखंड की आधी से अधिक आबादी अभी तक यातायात साधनों से वंचित हैं। लोगों को लम्बी दूरी यात्रा कर जीपों से यात्रा कर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। जान जोखिम पर डाल कर लोगों को जीपों व टैम्पो में सवार होकर आना जाना पड़ता है। उपखंड के लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ती है। निजी साधनों वाले तो अपने साधनों से उपखंड मुख्यालय पहुंच कर बसें पकड़ लेते हैं, लेकिन जिनके पास अपने साधन नहीं है, उनको परेशानी उठानी पड़ती है।

पांच से छह हजार की आबादी वाले बड़े गांवों तक सरकार बस सेवा मुहैया नहीं करा पा रही है। उपखंड मुख्यालय से चम्बल नदी किनारे स्थित बीरज, नौताडा 18 किलोमीटर दूर है, लेकिन वहां तक आने जाने के साधनों का अभाव है। इन लोगों को जिला मुख्यालय जाने के लिए पहले केशवरायपाटन आना पड़ता है और यहां से लम्बे इंतजार के बाद रोडवेज बस मिलती है। यहां से जयस्थल गांव आना जाना भी एक समस्या है। मुख्यालय से 19 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव से शहर तक आने के लिए कोई साधन नहीं है। कुछ समय प्राइवेट बस चलाई जो भी बंद कर दी। सरकार इसे यहां के लोगों के भाग्य में नहीं हैं। जीपों से महंगे दाम खर्च कर आना पड़ता है।

रोडवेज सेवा से वंचित लोग
राजस्थान राज्य परिवहन निगम उपखंड में बस सेवा में पिछड़ा हुआ है। उपखंड मुख्यालय से बूंदी जिले मुख्यालय के बीच निगम ने मात्र एक बस चला रखी है। यही बस आती है और जाती है। बूंदी जाने वाले लोगों को पहले कोटा जाना पड़ता है और वहां से बूंदी जाते हैं। लोगों को अधिक समय व धन खर्च करना पड़ रहा है।

पहले कोटा, फिर बूंदी
उपखंड के प्रमुख शहर कापरेन से बूंदी मुख्यालय पहुंचने के मशक्कत करनी पड़ती है। जिले में शहर है लेकिन जिला मुख्यालय तक सीधी बस सेवा शुरू नहीं की गई। यहां से बूंदी जाने वाले लोगों को पहले 40 किलोमीटर कोटा जाना पड़ता है और वहां से रोडवेज बस से 41 किलोमीटर का सफर तय करना जबकि लोगों को बीस किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।

परिवहन विभाग का नहीं है ध्यान
उपखंड मुख्यालय से कोटा, बूंदी सड़क मार्ग पर की अवैध वाहन धड़ल्ले से दौड़ते हैं। परिवहन विभाग इस बारे में गंभीर नहीं है। अनफिट जीप, टैम्पो अवैध रुप से चलती है। कोटा व बूंदी का परिवहन विभाग सड़कों पर नजर नहीं आता है।