16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहर की पुरानी आबादी के मकानों में आई दरारें, लोगों की रातों की नींद गायब

शहर के वार्ड नंबर 15 में आधा दर्जन मकानों में दरारें आने से लोग भयभीत है। अब तो रात में सोने में भी डर लगने लगा है।

2 min read
Google source verification

बूंदी

image

pankaj joshi

Sep 02, 2025

शहर की पुरानी आबादी के मकानों में आई दरारें, लोगों की रातों की नींद गायब

केशवरायपाटन। शहर के वार्ड संख्या 15 में मकान में आई दरार

केशवरायपाटन. शहर के वार्ड नंबर 15 में आधा दर्जन मकानों में दरारें आने से लोग भयभीत है। अब तो रात में सोने में भी डर लगने लगा है। पिछले चार दिनों से मकान में दरारें का सिलसिला जारी है। इसे लोगों ने भूगर्भीय हलचल बताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया बारिश के बाद शुरू हुई जो निरंतर चल रही है। वार्ड के त्रिलोक चंद माहेश्वरी का मकान फटता जा रहा है। नरेन्द्र शर्मा के मकान में तो तीन से पांच इंच चौड़ी दरारें आ गई।

रमेश शर्मा, मधुसुदन माहेश्वरी के मकान के कमरों में दरारें पड़ रही है। वार्ड के लोगों ने बताया कि यह दरारें 26 अगस्त को देखी गई लेकिन जब छोटी थी लेकिन पांच दिनों से रोज बढ़ती जा रही है। वार्ड में सीसी सड़क के उपर सड़क बना रखी है। नालियां भी गहरी हो गई है। मकानों में दरारें क्यों आ रही है इसका कारण अस्पष्ट लग रहा है। यहां सोमवार को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से एक जगह खुदवाई करवाने में दो घरेलू कनेक्शन लिंकेज मिले जिसको ठीक करवा दिया है।

पहले भी आई थी दरारें
करकरा बाजार स्थित वार्ड संख्या 15 में 3 साल पहले भी आधा दर्जन मकानों में दरारें आई थी लेकिन उसकी भी जांच नहीं हो पाई हालांकि क्षेत्र में खंडहर हुए मकान को लोगों ने खाली कर दिया था। अब उसी के सामने वाले हिस्से में दरारें आने लग गई जो चिंता का विषय है। दरारें भूगर्भीय हलचल से भी आने की संभावना है क्योंकि यह वार्ड चंबल नदी किनारे में बसा हुआ है जो प्राचीन है। चंबल नदी किनारे वार्ड होने से भूगर्भीय हलचल की भी संभावना बढ़ती जा रही है लेकिन इस घटना से वार्ड के वासी डरे हुए हैं। प्रशासन भी इस बारे में गंभीर नहीं है।

वार्ड संख्या 15 में मकान में दरारें आने की शिकायत के बाद सोमवार को पाइपलाइन की जांच करवाई गई। जांच में एक घरेलू कनेक्शन लीकेज पाया गया जिसे ठीक कर दिया गया है लेकिन जिस चौड़ाई में लंबी दरारे मकान में आ रही वह पानी के लिंकेज से संभव नहीं है। अन्य भी कारण हो सकते हैं जिसके जांच जरूरी है। जांच से ही इसका असली पता चल पाएगा। भूगर्भीय हलचल से भी नहीं नकारा जा सकता है।
पवन लोधा, कनिष्ठ अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग केशवरायपाटन