बूंदी

दम तोड़ गई पनघट योजना,सर्दी के मौसम में सताने लगा पानी का संकट

नैनवां. भू जल स्तर गहरा जाने से नैनवां उपखंड के सुवानियां गांव में पानी का संकट गहरा गया है। गांव में जलापूर्ति के लिए लगे सभी नलकूपों का पानी रीत जान

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Jan 09, 2018
dam tod gaee panaghat yojana

नैनवां. भू जल स्तर गहरा जाने से नैनवां उपखंड के सुवानियां गांव में पानी का संकट गहरा गया है। गांव में जलापूर्ति के लिए लगे सभी नलकूपों का पानी रीत जाने से सर्दी के मौसम में ही ग्रामीणों को पानी का संकट सताने लग गया है।

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सर्दी में ही ढोना पड़ गया पानी

गांव की पेयजल समस्या दूर करने के लिए मई 2017 में जलदाय विभाग व सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम राजस्थान इलेक्ट्रोनिक्स एण्ड इन्स्ट्रमेंटस लिमिटेड जयपुर ने गांव में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सौर ऊर्जा चलित पनघट योजना का स्ट्रक्चर लगाया था। नलकूपों का पानी सूख जाने से गांव में सौर ऊर्जा चलित पनघट योजना भी सात माह भी पानी नहीं दे पाई। पनघट योजना के नलकूप से दिनभर में दस मटकी पानी भी नहीं मिल पा रहा। जिससे पनघट योजना का स्ट्रक्चर शोपीस बन गया। योजना के अलावा गांव में जलापूर्ति के लिए पंचायत कार्यालय के बाहर, बालाजी मन्दिर के पास, पलसा की नाडी, तलाई के अन्दर नलकूप लगे हुए है। इन सभी नलकूपों का पानी सूख गया।

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मंगलवार को जलदाय विभाग की सर्वे टीम गांव में जलस्रोतों की स्थिति की जानकारी लेने पहुंची। सर्वे टीम के प्रभारी आजाद मोहम्मद ने बताया कि गांव के सभी नलकूपों व हैण्डपम्पों का पानी रीत जाने से संकट पैदा हो गया। सौर ऊर्जा चलित पनघट योजना के नलकूप से भी इतना कम डिस्चार्ज हो रहा है कि आधे घंटे में दो लीटर पानी नहीं आता। सर्वे रिपोर्ट तैयार कर विभाग के अधिकारियों को दी है।
टैंकरों से करेंगे जलापूर्ति
-गांव का सर्वे करवा लिया है। सभी जलस्रोतों का पानी सूख गया। सौर ऊर्जा चलित पनघट योजना के नलकूप ने भी जवाब दे दिया। गांव में टैंकरों से जलापूर्ति के प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं। स्वीकृति मिलते ही गांव में टैंकरों से जलापूर्ति शुरू करवा दी जाएगी।
दिनेश कुमार गोचर, कनिष्ठ अभियंता, जलदाय विभाग

Published on:
09 Jan 2018 07:19 pm
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