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मरीजों की जेब ढीली कर रहा जिला अस्पताल, सीरिंज-केनुला और 67 तरह की दवाएं खत्म

जिला अस्पताल में व्यवस्थाए पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में यहां मरीजों को स्वयं की जेब ढीली करने के अलावा परेशानी भी उठानी पड़ रही है। वहीं अस्पताल प्रबंधन व जिला ड्रग स्टोर के बीच समन्वय नहीं होने का खमियाजा मरीज उठा रहे है।

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मरीजों की जेब ढीली कर रहा जिला अस्पताल, सीरिंज-केनुला और 67 तरह की दवाएं खत्म

जिला अस्पताल

बूंदी. जिला अस्पताल में व्यवस्थाए पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में यहां मरीजों को स्वयं की जेब ढीली करने के अलावा परेशानी भी उठानी पड़ रही है। वहीं अस्पताल प्रबंधन व जिला ड्रग स्टोर के बीच समन्वय नहीं होने का खमियाजा मरीज उठा रहे है।
जानकारी के अनुसार अस्पताल में एक पखवाड़े से दो, पांच एवं दस एमएल का इंजेक्शन लगाने के लिए सीरिंज खत्म है। ऐसे में कुछ वार्डों में शेष पड़ी सीङ्क्षरज के भरोसे ही काम चलाया जा रहा है। वहीं जनाना अस्पताल में तो हालत यह है कि जहां दो एमएल क्षमता की सीरिंज का उपयोग करना है, वहीं भी नहीं होने के कारण दस एमएल की सीरिंज से काम चला रहे है, ऐसे में मरीजों को अधिक दर्द सहन करना पड़ रहा है। वहीं सर्दी अधिक होने के कारण जनाना अस्पताल के वार्डों में बच्चे अधिक भर्ती हो रहे है, यहां केनूला की आपूर्ति नहीं होने के कारण वह भी मरीजों को बाहर से लाना पड़ रहा है।
अस्पताल परिसर स्थित दवा वितरण केन्द्र पर पिछले दस दिनों से 67 प्रकार की दवाएं खत्म हो चुकी है, लेकिन आपूर्ति अब तक नहीं हो पाई है, जबकि कई दवा तो अति आवश्यक है, तथा चिकित्सक उन्हें रोगी परामर्श पर्ची पर भी लिख रहे है। ऐसे में मरीजों को बाहर का रास्ता देखना पड़ रहा है। इसके अलावा ब्लड चढ़ाने के काम आने वाले बीटी सेट एवं ग्लव्स भी खत्म हो चुके है। इन दवाओं की उपलब्धता अस्पताल के दवा स्टोर पर भी नहीं है। ऐसे में कब तक आएगी, इसके बारे में जिम्मेदार अधिकारियों को भी नहीं पता है।

भामाशाहों के भरोसे
कहने को तो पंडित बृज सुंदर शर्मा सामान्य अस्पताल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है, लेकिन यह अधिकांश समय भामाशाहों के भरोसे ही रहता है।
गर्मी के मौसम में कूलर, पंखे तो हाल ही में दो बार रोटरी क्लब ने दवाओं की आपूर्ति की है, जबकि अस्पताल के पास मेडिकल रिलीफ सोसायटी में फण्ड की कोई कमी नहीं है तथा इसके अध्यक्ष भी जिला कलक्टर है।

मांग भेजी, नहीं हुई आपूर्ति
दवा सहित अन्य सामग्री कम होने के बारे में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. एलएन मीना ने बताया कि जिला ड्रग स्टोर को मांग भेजी हुई है, वहां दवा नहीं होने की एनएसी नहीं मिली है। एनएसी मिलने के बाद ही दवा क्रय करने के लिए टेण्डर किए जा सकते है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को भी बताया जा चुका है। खत्म हुई दवाएं और सामग्री प्रतिदिन उपयोग में आने वाली है। वहीं जिला ड्रग स्टोर के डॉ. सतीश सक्सेना ने बताया कि दवाओं की एनएसी उनके द्ववारा नहीं दी जाती है। यह जयपुर द्वारा ही दी जाती है। उनके पास आरएमएससीएल से दवा की आपूर्ति होने पर सभी ड्रग स्टोर केन्द्र में भेज दी जाएगी, जबकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पूर्व में भी एनएसी जिला ड्रग स्टोर द्वारा ही दी जाती रही है।